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कालाढूंगी में गरजा यूकेडी का हुंकार

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राष्ट्रीय दलों को भगाओ, राज्य बचाओ’ के नारे से गूंजा मैदान, हजारों ने थामा यूकेडी का दामन

कालाढूंगी। “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारों के साथ रविवार को कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड क्रांति दल ने सदस्यता अभियान की बड़ी बैठक आयोजित की। बैठक में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जुटे। मंच से बार-बार “राष्ट्रीय दलों को भगाना है, राज्य को बचाना है” के नारे गूंजते रहे। बैठक में यूकेडी ने यूजीसी के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। दल के नेताओं ने कहा कि यूजीसी के मौजूदा प्रावधान सवर्ण वर्ग के लोगों के लिए घातक साबित होंगे। मंच पर मौजूद यूकेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने राज्य सरकारों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राज्य को बने 25 वर्ष से अधिक हो गए हैं, लेकिन जिस परिकल्पना को लेकर उत्तराखंड का गठन हुआ था, उसका 1 प्रतिशत भी विकास इस प्रदेश में नहीं हुआ। राष्ट्रीय दलों ने सिर्फ दिल्ली में बैठे अपने नेताओं के इशारों पर काम किया। वो भी ऐसे काम जिनका राज्य के आम नागरिकों को दूर-दूर तक कोई सीधा लाभ नहीं मिला।”

यूकेडी नेता पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्य का गठन यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया था, लेकिन उसके विपरीत ही काम हुए। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आज प्रदेश में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आ रहा है।

बैठक के दौरान तारा सिंह नेगी ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा, “राज्य का विकास तभी संभव है जब यहां का युवा सही व्यक्ति का चयन करके विधानसभा भेजे। 25 साल बीत गए, लेकिन कालाढूंगी विधानसभा में न तो सरकारी स्कूलों की सुध ली गई और न ही स्वास्थ्य व्यवस्था पर कोई बड़ा काम हुआ। यहां तक कि देश सेवा करने वाले युवाओं को भी चार साल की सेवा तक सीमित कर दिया गया। आज राष्ट्रीय दलों ने राज्य में जो दलदल बनाया है, वह सिर्फ अपने स्वार्थ सिद्ध करने तक सीमित है।”

इस अवसर पर यूकेडी के नेता डॉक्टर नारायण सिंह जंतवाल, चन्द्रशेखर कापड़ी, केन्द्रीय उपाध्यक्ष भुवन चन्द्र जोशी, एन. डी. तिवारी, एडवोकेट मोहन कांडपाल, गोविन्द गैस्याल और आप पार्टी के के. डी. पाण्डेय ने भी यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रताप चौहान, रवि बोरा, एस. एस. नेगी, नरेन्द्र पाठक, इंद्र सिंह मनराल, कृष्णानंद जोशी आदि लोगों सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आपकों बता दें कि पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने भी यूकेडी की सदस्यता ले ली है। सभा के अंत में यूकेडी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर सदस्यता अभियान तेज करने और आगामी चुनावों में “राज्य हित” को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।