यह राज्य के अस्तित्व की लड़ाई : काशी सिंह ऐरी
देहरादून। संगठनात्मक प्रवास के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के केन्द्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने देहरादून में युवाओं से मुलाकात की। इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे सक्रिय युवा भी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़कर क्षेत्रीय राजनीति को मजबूत करें और राज्य के स्थानीय जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह केवल एक-दो चुनावों की लड़ाई नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के अस्तित्व, अस्मिता और भविष्य को बचाने का एक लंबा वैचारिक एवं जनसंघर्ष है। इसके लिए युवाओं को दृढ़ संकल्प, संयम, धैर्य और संगठनात्मक अनुशासन के साथ दीर्घकालिक संघर्ष हेतु तैयार रहना होगा।”
उन्होंने कहा कि युवाओं को यूकेडी को केवल राजनीति का मंच नहीं, बल्कि एक मजबूत क्षेत्रीय वैचारिक संगठन के रूप में स्वीकार करना होगा। स्वर्गीय डी. डी. पंत, इंद्रमणि बडोनी, बिपिन त्रिपाठी और जसवंत सिंह बिष्ट जैसे बुद्धिजीवियों ने इस दल को सशक्त वैचारिक आधार दिया है, जो प्रत्येक कार्यकर्ता में समाहित होना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि कार्यकर्ता संस्थापकों के विचारों और आदर्शों से नहीं जुड़ेंगे तो यूकेडी भी अन्य दलों की तरह केवल सत्ता की राजनीति तक सीमित रह जाएगा। यूकेडी का उद्देश्य आदर्शवादी विचारों वाला, जनसंघर्ष पर आधारित और उत्तराखंड की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करने वाला क्षेत्रीय दल बनाना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में देखा गया है कि चुनावों से पहले कई लोग पार्टी से जुड़ते हैं और स्वार्थपूर्ति के बाद अलग हो जाते हैं, जिससे संगठन को नुकसान होता है। इसलिए ऐसे समर्पित युवाओं की जरूरत है जो यूकेडी से एक वैचारिक आंदोलन के रूप में जुड़ें। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड का युवा उत्तराखंड क्रांति दल की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए राज्य, समाज और भविष्य की दिशा तय करेगा। जय भारत, जय उत्तराखंड के उद्घोष के साथ उन्होंने अपना संबोधन समाप्त किया।



























