उक्रांद और विधायक उमेश कुमार ने सरकार को घेरा, बोले फाइलें दबाना बंद करो, वरना सड़कों पर होगा संग्राम
देहरादून । उत्तराखंड में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बीपीएड-एमपीएड बेरोजगारों का मुद्दा अब सियासी तूल पकड़ चुका है। उत्तराखंड क्रांति दल और खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन को खुला समर्थन दे दिया है।

उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने कहा कि सरकार बनते ही बीपीएड-एमपीएड युवाओं को नियुक्ति देकर उनका हक लौटाया जाएगा। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने संगठन को भरोसा दिलाया कि वे फाइल संख्या 77006 का मुद्दा विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएंगे। दोनों ने चेताया कि यदि प्रशिक्षित युवाओं की अनदेखी जारी रही तो सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन होगा। उक्रांद ने ऐलान किया कि छात्र संख्या के नाम पर बंद किए जा रहे सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक खेल सुविधाओं और प्रशिक्षकों से लैस कर फिर से खोला जाएगा। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मौका मिलेगा और हजारों प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिलेगा। संगठन ने 20 जून 2026 को विधायक उमेश कुमार को ज्ञापन सौंपा था। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय के अनुसार RTE 2009 के तहत 100 छात्र संख्या वाले स्कूलों में शारीरिक शिक्षक अनिवार्य हैं, फिर भी भर्ती फाइल 3 साल से वित्त विभाग में लटकी है।

राज्य में 20,000 से अधिक बीपीएड-एमपीएड डिग्रीधारी हैं। इनमें 8,000 अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार करते-करते आयु सीमा पार कर चुके हैं। NEP 2020 में शारीरिक शिक्षा अनिवार्य होने के बाद भी भर्ती शून्य है। संगठन ने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, नियुक्ति पत्र चाहिए। सरकार नहीं जागी तो आंदोलन उग्र होगा।































