हल्द्वानी। जब आपके सामने किसी कलाकृति का संपूर्ण रंगीन और भव्य विवरण होता है, तो कलाकृति ही केंद्र बिंदु बन जाती है और उसके बारे में कोई भी व्यक्ति जो कुछ भी लिखता है, वह उसका एक हिस्सा मात्र रह जाता है। आज हम बात करेंगे साहित्य, पत्रकारिता और ज्योतिष के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं अल्मोड़ा पोस्ट साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक पं. डाॅ. मदन मोहन पाठक की। जिन्हें विश्व कविता दिवस के पावन अवसर पर प्रतिष्ठित संगम काव्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संगम एकेडमी पब्लिकेशन (कोटा, राजस्थान) द्वारा साहित्य और सृजन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए प्रदान किया गया। डाॅ. पाठक लम्बे समय से पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और सांस्कृतिक मूल्यों को मुखर रूप से सामने लाते रहे हैं। इसके साथ साथ उन्हें साहित्य और काव्य लेखन का भी विशेष लगाव है। उनकी लेखनी में समाज की संवेदनाएं, संस्कृति की झलक और सकारात्मक चिंतन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। कहा जाता है कि एक सशक्त लेखनी समाज को नई दिशा दे सकती है। डाॅ. मदन मोहन पाठक की लेखनी ने भी अपने विचारों और शब्दों के माध्यम से समाज में जागरूकता और नई चेतना जगाने का कार्य किया है। पत्रकारिता के साथ साथ उनकी काव्य साधना, शब्द-शिल्प और साहित्य के प्रति समर्पण प्रेरणादायक माना जाता है। इस सम्मान के प्राप्त होने पर साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े लोगों, शुभचिंतकों तथा क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी है और आशा व्यक्त की है कि उनकी लेखनी आगे भी इसी प्रकार समाज और संस्कृति को समृद्ध करती रहेगी।



























