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सिलेंडर का इंतज़ार बढ़ा रहा लोगों के दिलों की धड़कनें

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हल्द्वानी । ईरान युद्ध की तपिश अब भारत में भी महसूस की जाने लगी है। देश भर में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। केंद्र सरकार ने भले ही देश में पर्याप्त एलपीजी स्टॉक होने की बात कही हो, लेकिन अफवाहें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इन अफवाहों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। उत्तराखंड में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर पहाड़ी इलाकों में इन दिनों रसोई की आंच धीमी पड़ती नजर आ रही है। कई जगहों पर लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। सुबह से कतारें लगती हैं, लेकिन शाम तक भी सिलेंडर मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।
यह सिर्फ गैस की कमी का मामला नहीं है, बल्कि उस भरोसे की भी परीक्षा है जो आम लोग व्यवस्था से करते हैं। राज्य के कई जिलों, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में गैस सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं । दूसरी तरफ उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर खत्म होने के बावजूद शहरों में 25 दिन और पहाड़ों में 45 दिनों के तय समय से पहले नई बुकिंग नहीं हो पा रही। यानी गैस खत्म हो जाए तो भी सिस्टम का जवाब होता है अभी इंतज़ार कीजिए।”
पहाड़ी इलाकों में यह इंतज़ार और भी कठिन हो जाता है। पहले से सीमित सप्लाई के बीच बुकिंग की समय सीमा लोगों की रसोई पर सीधा असर डाल रही है। कई परिवारों को मजबूर होकर लकड़ी के चूल्हों या पुराने इंतज़ामों का सहारा लेना पड़ रहा है।इस बीच राज्य सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि गैस कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाकर सप्लाई को सामान्य किया जाय। लोग पूछ रहे हैं कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई? क्या वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई थी? और सबसे बड़ा सवाल—रसोई की आग को व्यवस्था की फाइलों में ठंडा क्यों पड़ने दिया गया?आज पहाड़ के घरों में सबसे बड़ा सवाल यही है।

गैस की कालाबाजारी करने वालों पर लगे गुंडा एक्ट : सुशील

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हल्द्वानी। हल्द्वानी क्षेत्र में एल.पी.जी. गैस की कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत को लेकर आज उत्तराखण्ड चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के कुमाऊँ मण्डल अध्यक्ष डॉ. हरीश पाल तथा स्वराज हिन्द फौज के संस्थापक अध्यक्ष सुशील भट्ट के संयुक्त नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एस.पी. सिटी हल्द्वानी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डॉ. हरीश पाल ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा एल.पी.जी. गैस सिलेंडरों का अवैध भण्डारण कर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है। इसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और गैस सिलेंडर लगभग दो-दो हजार रुपये तक ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गुण्डा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि जनता की मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।इस अवसर पर स्वराज हिन्द फौज के संस्थापक अध्यक्ष सुशील भट्ट ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक स्थिति है कि आम जनता की रसोई से जुड़ी आवश्यक वस्तु को कुछ लोग अपने लालच का साधन बना रहे हैं। गैस सिलेंडर केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार की रसोई की जीवनरेखा है एवं एल.पी.जी. गैस हर घर की रसोई से जुड़ी एक बुनियादी आवश्यकता है और इसकी कालाबाजारी किसी भी सभ्य समाज के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग अपने निजी लाभ के लिए गैस की कृत्रिम कमी पैदा करते हैं, तो उसका सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ता है। ऐसे में एल.पी.जी. गैस को ब्लैक में बेचना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज और मानवता के साथ भी अन्याय है।


सुशील भट्ट नें प्रशासन से मांग की कि अवैध भण्डारण करने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, उनके अवैध स्टॉक को जब्त किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति आम जनता तक सुचारु रूप से उपलब्ध हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के हित में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से डॉ. हरीश पाल, सुशील भट्ट, के.एस. काण्डपाल, पी.सी. दानी, डी.एन. जोशी, भुवन तिवारी, प्रकाश जोशी, भास्कर साह, विकास कुमार, पवन अर्पित पाल, अमित सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।