सर्वे को मिली स्वीकृति, लेकिन निर्माण पर अभी भी अंतिम फैसला बाकी
हल्द्वानी/नैनीताल । हल्द्वानी शहर की बहुप्रतीक्षित Peripheral Four Lane Ring Road परियोजना को लेकर आरटीआई में बड़ा और स्पष्ट सच सामने आया है। दस्तावेजों से साफ हो गया है कि सरकार ने सर्वे और प्रारंभिक कार्यों के लिए कई बार स्वीकृति दी है, करोड़ों की परियोजना तैयार है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और अंतिम निर्णय लंबित है। अब सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में रिंग रोड बन रही है? मामले में सबसे अहम तथ्य यह सामने आया कि
रिंग रोड अभी निर्माण चरण में नहीं पहुंची है परियोजना सिर्फ सर्वे, एलाइन्मेंट और डीपीआर (DPR) तैयार करने के स्तर पर है
5 अलग-अलग एलाइन्मेंट विकल्पों पर अभी भी शासन स्तर पर निर्णय लंबित है यानी साफ है कि रिंग रोड की घोषणा तो हुई, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ।
कितना बड़ा है प्रोजेक्ट?
कुल प्रस्तावित लंबाई: 50.43 किमी, 4 सेक्टर में विभाजित
अनुमानित लागत (सेक्टर-1 प्रथम चरण सहित): ₹475.97 करोड़
अब तक कितना पैसा स्वीकृत और खर्च हुआ?
दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2017 में ₹1.57 करोड़ (157.32 लाख) सर्वे एवं फिजिबिलिटी स्टडी के लिए स्वीकृत
वर्ष 2025 में प्रथम चरण (विस्तृत सर्वे, DPR, भूमि अधिग्रहण तैयारी) के लिए ₹26.35 लाख की स्वीकृति
2025-26 में तत्काल खर्च हेतु मात्र ₹10,000 जारी, यानी करोड़ों की योजना में अभी तक सिर्फ सर्वे और कागजी प्रक्रिया पर ही पैसा खर्च हुआ है।
सर्वे कब-कब हुआ?
पहला विस्तृत सर्वे एवं निरीक्षण: 06–08 फरवरी 2018
Draft Feasibility Report पर बैठक: 23 मई 2018
इसके बाद विभिन्न स्तरों पर संशोधन और पुनः सर्वे/एलाइन्मेंट पर काम
क्या शासनादेश जारी हुआ है?
दस्तावेजों में स्पष्ट है कि 25 जुलाई 2017 को उत्तराखंड शासन द्वारा रिंग रोड के सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी के लिए औपचारिक शासनादेश जारी किया गया,16 अक्टूबर 2025 को विस्तृत सर्वे और DPR के प्रथम चरण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए अभी अंतिम शासनादेश (Construction Approval) जारी नहीं हुआ है।
क्यों अटका है प्रोजेक्ट?
आरटीआई में सामने आया कि स्थानीय लोगों की आपत्तियाँ
जनप्रतिनिधियों (सांसद/विधायक) के सुझाव
जंगल और भूमि अधिग्रहण की जटिलताएँ
45 मीटर से घटाकर 25 मीटर चौड़ाई करने का प्रस्ताव, इन कारणों से एलाइन्मेंट फाइनल नहीं हो पा रही है।

क्या कार्रवाई चल रही है अभी?
5 वैकल्पिक रूट पर विचार, सीमांकन (Demarcation) कार्य किया जा चुका। DPR तैयार करने की प्रक्रिया जारी, शासन स्तर पर अंतिम स्वीकृति का इंतजार
जवाबदेही पर क्या कहा विभाग ने?
आरटीआई में जब अधिकारियों की जिम्मेदारी और लापरवाही पर जानकारी मांगी गई तो विभाग ने साफ जवाब दिया—
ऐसी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है, समाजसेवी हेमंत गौनिया फिर चर्चा में है। इस पूरे मामले को उजागर करने वाले समाजसेवी हेमंत सिंह गौनिया ने एक बार फिर आरटीआई के जरिए बड़े प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। लगातार जनहित के मुद्दों को उठाने के कारण उनकी सक्रियता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यानी हल्द्वानी की ट्रैफिक समस्या का समाधान बनने वाली रिंग रोड फिलहाल फाइलों और सर्वे तक ही सीमित


























