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जीवन के तीन आधार, बाल कवियों की दमदार अभिव्यक्ति

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‘जीवन के तीन आधार : पिता, प्रकृति और योग’ विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन बाल काव्य सम्मेलन में गूँजी बाल प्रतिभाओं की सशक्त अभिव्यक्ति

हल्द्वानी। सम्पर्क साहित्य संस्थान, उत्तराखंड इकाई द्वारा “जीवन के तीन आधार : पिता, प्रकृति और योग” विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन बाल काव्य गोष्ठी एवं प्रतियोगिता का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से पिता के प्रति सम्मान, प्रकृति संरक्षण का संदेश तथा योग के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं कुमगढ़ पत्रिका के संपादक दामोदर जोशी “देवांशु” रहे, जबकि अध्यक्षता सम्पर्क संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं ट्यूलिप टुडे के संपादक अनिल लढ़ा ने की। प्रतियोगिता का मूल्यांकन शिक्षिका/लेखिका/ संस्थान की सक्रिय सदस्य अनीला बत्रा पाहवा (पंजाब) तथा लेखिका/ शिक्षिका/ संस्थान की सहसचिव शशि कुड़ियाल (देहरादून) ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सम्पर्क सरस्वती वन्दना के पश्चात साहित्य संस्थान के परिचय से हुआ, जिसे संस्थान की सक्रिय सदस्य, कवयित्री एवं कठपुतली कलाकार दीया ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अरुणा शाह ने किया, जबकि संपूर्ण आयोजन का संयोजन उत्तराखंड प्रभारी ललिता द्वारा किया गया।

प्रतियोगिता दो वर्गों—जूनियर (कक्षा 6 से 8) एवं सीनियर (कक्षा 9 से 12)—में आयोजित की गई। जूनियर वर्ग में 14 तथा सीनियर वर्ग में 11 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बाल कवियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रोताओं और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता के उपरांत अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने बाल साहित्यकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें साहित्य-साधना, सतत अध्ययन एवं रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित किया। वहीं मुख्य अतिथि दामोदर जोशी “देवांशु” ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन नई पीढ़ी में भाषा, संस्कृति, संवेदनशीलता और सृजनात्मक सोच के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बाल प्रतिभाओं की उत्कृष्ट अभिव्यक्तियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

निर्णायकों ने विषय-वस्तु, प्रस्तुति, उच्चारण, अभिव्यक्ति तथा समय-सीमा के आधार पर प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता के परिणाम निम्नानुसार रहे—

सीनियर वर्ग (कक्षा 9 से 12)

🥇 प्रथम – सुष्मिता शर्मा (हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हल्द्वानी)
🥈 द्वितीय – भूमिका पांडेय (यूनिवर्सल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी)
🥉 तृतीय – दीक्षा खोलिया (हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हल्द्वानी)
🏅 चतुर्थ – खुशी जोशी (सेंट थेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, काठगोदाम)
🏅 पंचम – सोनाक्षी बोरा (जे.डी.एम. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी)

जूनियर वर्ग (कक्षा 6 से 8)

🥇 प्रथम – ग्रेस जोशी (इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी)
🥈 द्वितीय – काजल जोशी (महर्षि विद्या मंदिर, हल्द्वानी)
🥉 तृतीय – महिमा जोशी (हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हल्द्वानी)
🏅 संयुक्त चतुर्थ – महिमा थुवाल एवं वैभव कांडपाल (हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हल्द्वानी)
🏅 पंचम – तान्या जोशी (हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हल्द्वानी)

कार्यक्रम में सम्पर्क साहित्य संस्थान की महासचिव रेनू शबदमुखर (जयपुर) श्रोता के रूप में उपस्थित रहीं। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भगवती पानेरु एवं आशा पाण्डे ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बाल साहित्यकारों को आशीर्वचन प्रदान किए।

समापन अवसर पर उत्तराखंड प्रभारी ललिता ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विजेताओं को शुभकामनाएँ दीं तथा सभी प्रतिभागियों को निरंतर साहित्य-सृजन एवं अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह साहित्यिक आयोजन बाल प्रतिभाओं की रचनात्मक क्षमता, भाषाई अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक चेतना एवं साहित्यिक संस्कारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं उल्लेखनीय पहल सिद्ध हुआ।