24 वर्षों से महिलाओं को बना रही हैं आत्मनिर्भर
हल्द्वानी। उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली नीमा बिष्ट, अध्यक्ष जय शारदा जन कल्याण समिति, हल्द्वानी (नैनीताल), पिछले 24 वर्षों से निरंतर महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। वर्ष 2002 से शुरू हुए उनके इस अभियान ने आज हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
नीमा बिष्ट के नेतृत्व में समिति द्वारा अब तक 10,000 से अधिक महिलाओं को विभिन्न रोजगारपरक एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रदान किए जा चुके हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को केवल कौशल प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना भी है।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली अनेक महिलाएं आज स्वयं का व्यवसाय संचालित कर रही हैं, जबकि कई महिलाएं विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। समिति द्वारा सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
विशेष बात यह है कि नीमा बिष्ट ने अपने कार्य को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने उत्तराखंड के दुर्गम, अति-दुर्गम, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें हुनर से जोड़ने का कार्य किया है। राज्य के लगभग सभी जनपदों में उनके प्रयासों से हजारों महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
समाजसेवा और महिला उत्थान के क्षेत्र में उनका समर्पण आज अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों ने उन्हें उत्तराखंड में एक अलग पहचान दिलाई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि नीमा बिष्ट का कार्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल मॉडल बनकर उभरा है और यह अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।
आज नीमा बिष्ट का यह अभियान न केवल महिलाओं के हाथों में हुनर सौंप रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई राह भी दिखा रहा है।






























