Home ललिता कापड़ी “शब्दों की चौपाल” (मनोरंजन संग साहित्य का कमाल)

“शब्दों की चौपाल” (मनोरंजन संग साहित्य का कमाल)

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ललिता कापड़ी

उत्तराखंड हल्द्वानी में संपर्क संस्थान की साहित्यक टीम ने साहित्यिक को समर्पित “शब्दों की चौपाल” एक नई पहल की शुरुआत की है। आज होली एकादशी के दिन पहली बैठक उत्तराखंड प्रभारी ललिता कापड़ी के घर की गई। ललिता कापड़ी ने बताया कि यह एक मासिक बैठक है जिसका उद्देश्य साहित्यक रूप से एक दूसरे को प्रोत्साहित करना व आगे बढ़ाना है। बैठक में डॉ गीता मिश्रा, चंद्रावती महरा, मीना जोशी, साक्षी, अंजली दीक्षित, कमला नितवाल, रेखा नितवाल सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। गीता मिश्रा जी ने सरस्वती वंदना के साथ सिलसिला आगे बढ़ाया। चंद्रावती महरा जी ने सुनाया हंस सा विवेक यदि ग्रहण कर लें तो कितना सरल हो जाए जीवन, मीना जोशी ने अपनी रचना “शब्दों की चौपाल सृजन का मधुमास” सुनाई, साक्षी के द्वारा “हार गया जब अंतर्मन” प्रस्तुत की, अंजली दीक्षित व कमला नितवाल ने मधुर गीत प्रस्तुत किया……। सभी ने अपनी रचनाओं व गीतों से बैठक को मनोरंजन से भरपूर बनाया। मानद सचिव मीना जोशी ने कहा इस प्रकार की छोटी छोटी बैठकों के माध्यम से आपसी सौहार्द बढ़ेगा साथ ही नवोदित कवयित्रियों को मंच प्राप्त होगा। संपर्क संस्थान जयपुर पिछले 25 वर्षों से लगातार साहित्यक सामाजिक व साहित्यिक कार्यों में अग्रणी रहा है। 2023 से लगातार संस्थान के सदस्यों द्वारा उत्तराखंड में भी साहित्यक आयोजन किए जा रहे हैं।