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38 दिन से अनसुनी

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12 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार – आत्मघाती कदम की चेतावनी

देहरादून । उत्तराखंड के शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों का सब्र अब जवाब दे गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक (व्यायाम शिक्षक) के पदों की फाइल को मंजूरी न मिलने से आक्रोशित शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने 12 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। आपकों बता दें कि संगठन के बेरोजगार युवा 4 जून से शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। आज धरने का 38वां दिन है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई सुध नहीं ली। वहीं सरकार की चुप्पी के विरोध में 19 जून से क्रमिक अनशन शुरू किया गया। अनशन के 23वें दिन योगंबर नेगी, अनिल राज और भुवनेश बिष्ट भूखे-प्यासे निदेशालय में डटे हैं। संगठन ने साफ कहा है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलनकारी आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और शासन-प्रशासन की होगी।
संगठन की सिर्फ एक मांग है उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक (व्यायाम शिक्षक) के पदों से संबंधित फाइल संख्या 77006 को वित्त विभाग से तत्काल मंजूरी दिलाकर कैबिनेट में पास किया जाए। आज शिक्षा निदेशालय में चल रहे धरने में प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे, संजय कोरंगा, महेश नेगी, भुवनेश बिष्ट, अनिल राज, योगंबर नेगी सहित सैकड़ों प्रशिक्षित बेरोजगार मौजूद रहे। वहीं संगठन का कहना है कि प्रदेश में हजारों बच्चे बिना शारीरिक शिक्षक के पढ़ रहे हैं। एक तरफ सरकार खेल और फिटनेस की बात करती है, दूसरी तरफ वर्षों से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार नहीं दे रही।उन्होने बताया कि अब आर-पार की लड़ाई तय है। 12 जुलाई को होने वाला मुख्यमंत्री आवास घेराव इस आंदोलन का निर्णायक मोड़ होगा।