देहरादून। शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चन्द्र पाण्डे के नेतृत्व में आज सैकड़ों प्रशिक्षित बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आर.टी.ई. नियम 2009 के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक/व्यायाम शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा विभाग में फाइल संख्या 77006 पिछले 3 वर्षों से लंबित है। वित्त विभाग द्वारा “विभागीय पुनर्गठन” का हवाला देकर इस फाइल को रोका जा रहा है, जबकि आर.टी.ई. 2009 और एन.सी.टी.ई. की गाइडलाइन के अनुसार 100 से अधिक छात्र संख्या वाले कक्षा 6 से 8 के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है।

प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चन्द्र पाण्डे ने कहा कि NEP 2020 में भी शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य किया गया है और उत्तराखण्ड सरकार ने इसे प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक लागू भी किया है। इसके बावजूद हजारों प्रशिक्षित युवा बेरोजगार बैठे हैं। इस विलंब से हम मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि फाइल संख्या 77006 को बिना विलंब मंजूरी देकर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए।
इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में महेश नेगी, रणजीत सिंह योगी, धनपाल सिंह, मीना कार्की, पुष्पा नौटियाल, गब्बर सिंह, गिरीश मिश्रा, प्रवीण राजपूत, मेहरबान अली, आलोक शाह, सुरेश ध्यान, अनिल राज, भुवनेश बिष्ट, सुनील नैनवाल, गोविंद सिंह, अनूप तिवारी, सत्यवीर, शर्मिला दास, मंजू रानी, विपिन कुमार पालीवाल, मोहम्मद अकरम, प्रदीप बिष्ट, दर्शन लाल, यशपाल, रविंद्र, गौतम प्रकाश नेगी, भूपेंद्र नेगी आदि सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षित बेरोजगार उपस्थित थे।






























