लामाचौड़ में हरेला पर्व पर गूंजी कुमाऊँनी संस्कृति
हल्द्वानी। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में बुधवार को पूरे उत्साह और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर कुमाऊँनी संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे विद्यार्थियों की प्रस्तुति से हुई। छात्र-छात्राओं ने कुमाऊँनी पहनावे में न सिर्फ रैंप वॉक किया, बल्कि लोक परंपराओं की जीवंत झांकी भी पेश की।

समारोह का मुख्य आकर्षण कुमाऊँनी व्यंजनों की प्रदर्शनी रही। बच्चों ने बड़े, सिंगोड़ी, बाल मिठाई, भट्ट की चुड़कानी जैसे पारंपरिक व्यंजन सजाकर उनकी विशेषता और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही हरेला पर्व पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रकृति, खेती और लोकजीवन को अपने रंगों से उकेरा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुमाऊँनी लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और रंगीन कर दिया। ढोल-दमाऊं की थाप पर बच्चों के नृत्य को देखकर अभिभावक और शिक्षक भी झूम उठे। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। प्रधानाचार्य ने कहा कि हरेला सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ाव और अपनी जड़ों को याद करने का प्रतीक है।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं और सभी से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।






























