Home उत्तराखंड पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया दमन के खिलाफ लामबंद हुआ समाज

पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया दमन के खिलाफ लामबंद हुआ समाज

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अधिकारों की रक्षा के लिए ‘हल्द्वानी सिविल सोसायटी’ का गठन

आर.टी.आई. कार्यकर्ता पीयूष जोशी बने संस्थापक सदस्य, मदरसन प्रकरण सहित पत्रकार हेम भट्ट, कमल कफल्टिया, संजय पाठक व आर.टी.आई. एक्टिविस्ट लक्ष्मीदत्त जोशी पर हुई दमनात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा, ‘भारतीय न्याय संहिता 2023’ भेंट कर लिया अधिकारों की रक्षा का संकल्प।

हल्द्वानी। प्रदेश में जनहित के मुद्दे उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और सच का आइना दिखाने वाले पत्रकारों की आवाज को दबाने के लिए हो रहे पुलिसिया दमन के विरोध में अब समाज के जागरूक नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। व्यवस्थाओं की मनमानी और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ संगठित संघर्ष करने, तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए ‘हल्द्वानी सिविल सोसायटी’ का विधिवत गठन किया गया है। सोसायटी के गठन के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक सदस्य विशाल शर्मा और विनोद पाठक ने क्षेत्र के प्रमुख आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को ‘सिविल सोसायटी’ के संस्थापक सदस्य के तौर पर विधिवत सदस्यता दिलाई। इस मौके पर वैधानिक सशक्तिकरण और कानूनी साक्षरता के उद्देश्य से पीयूष जोशी को ‘भारतीय न्याय संहिता 2023’ (Bhartiya Nyaya Sanhita 2023) की द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी) संयुक्त प्रति सप्रेम भेंट की गई। बैठक के दौरान उपस्थित सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदेश में सच की आवाज को कुचलने के प्रयासों पर भारी रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने ‘मदरसन प्रकरण’ में जनहित की आवाज उठाने पर पीयूष जोशी के खिलाफ दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके साथ ही बैठक में वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट, कमल कफल्टिया, संजय पाठक और आरटीआई एक्टिविस्ट लक्ष्मीदत्त जोशी सहित तमाम अन्य सामाजिक लोगों पर प्रशासन द्वारा हाल ही में किए गए पुलिसिया दमन और उत्पीड़न का भी कड़ा विरोध किया गया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (पत्रकारिता) और सामाजिक प्रहरियों को फर्जी मुकदमों के डर से दबाने की इस प्रवृत्ति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “जिस प्रशासन और पुलिस का मूल कर्तव्य भारतीय संविधान की रक्षा करना और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखना है, आज वही रक्षक भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं। प्रशासन अब अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है।” सिविल सोसायटी के संस्थापक सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जब प्रशासनिक व्यवस्थाएं न्याय देने के बजाय दमन का रास्ता चुन लें, तो समाज को चुप नहीं बैठना चाहिए। ऐसे समय में समाज को खुद संगठित होकर ‘संविधान और नागरिक अधिकारों के रक्षक’ के रूप में खड़ा होना पड़ता है। नवगठित ‘हल्द्वानी सिविल सोसायटी’ ने संकल्प लिया है कि वह निर्दोष नागरिकों, पत्रकारों और जनहित के लिए संघर्षरत लोगों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ ढाल बनकर खड़ी होगी। कार्यक्रम के अंत में यह निर्णय लिया गया कि संस्था जल्द ही पूरे उत्तराखंड के सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, आरटीआई एक्टिविस्ट्स और जागरूक युवाओं को एक मंच पर लाकर जन-अधिकारों की रक्षा के लिए एक वृहद आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।इस दौरान छात्र नेता सुमित कार्की, पत्रकार विनोद भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।