यातायात नगर परियोजना द्वारा ली जाए रही NOC शुल्क हो समाप्त
हल्द्वानी। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संस्थापक अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर व देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल यातायात नगर अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली और ट्रांसपोर्ट महासंघ अध्यक्ष राकेश जोशी ने नगर निगम महापौर गजराज सिंह बिष्ट से मांग की है कि यातायात नगर में टैक्स लगाने से पहले व्यापारियों के साथ गोष्ठी की जाए और इस पर पुनर्विचार किया जाए। जानकारी देते हुए देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा व ट्रांसपोर्टर नेता पंडित दया किशन शर्मा ने बताया कि 32 एकड़ में बना यातायात नगर जिसमें लगभग 875 दुकान यातायात नगर परियोजना द्वारा आवंटित की गई है, जो की वर्ग क उच्च श्रेणी की दाखिल खारिज की फ्री होल्ड भूमि है। इसमें परियोजना द्वारा सर्किल रेट के आधार पर भूमि की रकम ले ली गई है और यदि कोई भूमि का कोई क्रय विक्रय होता है तो इसमें मोटी रकम सर्किल रेट का 15% NOC चार्ज के आधार पर लिया जाता है और यह रकम यातायात नगर अनुश्रवण समिति को जाती है और यह समिति ट्रांसपोर्ट नगर की देखरेख करती है और यातायात नगर संचालित करती है। इसको लेकर व्यापारी यह मांग कर रहे हैं कि अगर नगर निगम टैक्स लगाता है तो यातायात नगर का जीणोद्धार भी नगर निगम द्वारा किया जाए। यहां के ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, प्रकाश बिंदु वी, खस्ता हाल सड़कों की देखरेख, यातायात नगर में तीनों सुलभ शौचालय व साफ-सफाई, स्वच्छता का देखरेख और विकास नगर निगम द्वारा किया जाए। ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारियों ने टैक्स देने की सहमति बनाई। इस विषय पर देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर ने नगर निगम और व्यापारियों में आपसी समन्वय बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा व्यापारियों की सभी समस्याएं नगर निगम महापौर के आगे रखी जायेंगी। व्यापारी टैक्स देने के लिए सहमत हो गए हैं लेकिन नगर निगम को इस टैक्स के आवाज में व्यापारियों को भरपूर सुविधाएं देनी पड़ेगी। मांग करने वालों में राज्य स्तरीय उद्योग सदस्य सरदार जसपाल सिंह कोहली, महासंघ अध्यक्ष राकेश जोशी, पंडित दया किशन शर्मा, ट्रांसपोर्टर नेता हरजीत सिंह चड्ढा, राजेंद्र अग्रवाल, नवीन मलकानी, ललित रौतेला, डब्बू तिवारी, किशन कोश्यारी, आफताब हुसैन, स्वर्णपाल सिंह, भास्कर जोशी, विक्की सेठी, कुलतरण सिंह आनंद, सोनी सब्बरवाल, इकबाल सिंह आनंद आदि मौजूद रहे।



























