इन्द्रा दीदी के त्याग के बाद लाखन नेगी पर एफआईआर, ग्रामीणों ने कहा पुराने रास्ते का हो रहा चौड़ीकरण, सरकार और स्थानीय विधायक सड़क निर्माण की कर रहे अनदेखी

भीमताल । भीमताल विधानसभा के लोशज्ञानी गांव में सड़क निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। एक ओर जहां इन्द्रा देवी ने गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए अपनी गौशाला हटाने का ऐतिहासिक त्याग किया, वहीं दूसरी ओर इस निर्माण को लेकर लाखन सिंह नेगी पर राजस्व विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। एफ आई आर में कहा गया है कि थाना भवाली में 14/06/2026 को दर्ज FIR संख्या 0024 के अनुसार, राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश सैनी की तहरीर पर लाखन सिंह नेगी, निवासी अज्ञात, भवाली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। उन पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2 व 3 के तहत केस दर्ज है। घटना का समय 12/06/2026 से 14/06/2026 बताया गया है। घटनास्थल ग्राम लोशज्ञानी चौकी रामगढ़ है। वहीं दूरभाष पर हुई बातचीत में लाखन सिंह नेगी ने बताया, “जिस जगह सड़क बन रही है वहां वर्षों पुराना रास्ता है। राजस्व नक्शे में भी यह दर्ज है। हम कोई नई सड़क नहीं बना रहे, ग्रामीण अपने खर्च पर उसी रास्ते का चौड़ीकरण कर रहे हैं ताकि वाहन आ सकें।”उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार सड़क की मांग की, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी। मजबूरन ग्रामीणों ने चंदा कर और अपनी जमीन देकर काम शुरू किया। “इन्द्रा दीदी ने तो गौशाला तक त्याग दी। जब मातृशक्ति गांव के लिए इतना कर सकती है तो हम मुकदमे से क्यों डरें? ना डरेंगे ना झुकेंगे ना रुकेंगे, काम किया है काम करेंगे।”
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कर रहे हैं, रोक नहीं रहे। “हम अपनी जमीन और पैसा दोनों दे रहे हैं। फिर भी कुछ लोग शिकायत कर काम रुकवाना चाहते हैं। प्रशासन निष्पक्ष जांच करे कि दोषी कौन है- सड़क बनाने वाले या अड़ंगा लगाने वाले।”

लोशज्ञानी गांव इस समय दो तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ इन्द्रा दीदी का त्याग है जिन्होंने कहा था, “मेरी गौशाला हटाने से सड़क बनती है तो तोड़ दीजिए, लेकिन गांव तक सड़क जरूर पहुंचे।” वहीं दूसरी तरफ इसी सड़क को लेकर विवाद और मुकदमा है। विकास की इस राह में त्याग भी है और टकराव भी। फिलहाल ग्रामीणों के गांव को सड़क मार्ग से जोड़ना है या नहीं यह समय पर निर्भर है।

























