डॉक्टरों के थोक तबादलों पर बवाल, आशा यूनियन ने हल्द्वानी विधायक को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी। इलाज की उम्मीद लेकर पहाड़ से उतरने वाले हजारों मरीजों के लिए हल्द्वानी के अस्पताल ही आखिरी सहारा हैं। लेकिन जब यहाँ से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का थोक में तबादला हो जाए, तो गरीब की साँसें कहाँ अटकेंगी? इसी दर्द को लेकर गुरुवार को आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने विधायक सुमित हृदयेश के दरवाजे पर दस्तक दी। उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ब्लॉक हल्द्वानी) ने डा. सुशीला तिवारी चिकित्सालय, सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और महिला अस्पताल से विशेषज्ञ डॉक्टरों के थोक तबादलों पर रोक लगाने की मांग की है। यूनियन के शिष्टमंडल ने विधायक सुमित हृदयेश से मिलकर ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने कहा कि हल्द्वानी पूरे कुमाऊँ का प्रवेश द्वार है। पहाड़ से लाखों लोग यहीं इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में एक साथ डॉक्टरों के जाने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी। इसका सीधा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और दूरदराज से आने वाले गरीब मरीजों पर पड़ेगा। यूनियन ने तबादलों पर पुनर्विचार के साथ रिक्त पदों को तुरंत भरने की मांग उठाई। वहीं विधायक हृदयेश ने आश्वस्त किया कि यह जनहित का मुद्दा सरकार के सामने पूरी ताकत से रखेंगे। बोले, प्रदेश की जनता को बेहतर इलाज मिलना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हल्द्वानी की स्वास्थ्य व्यवस्था बिगड़ने नहीं देंगे। इस दौरान पार्षद रवि जोशी, हेमंत साहू, रिंकी जोशी, रेशमा, सुनीता महरा, रेनू घुघुतियाल, प्रीति सरोज,रीना बाला, मीना शर्मा, सायमा, मंजू आर्या, जसोदा एवं सरिता साहू समेत कई आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
































