रोजी-रोटी पर मंडराया संकट
हल्द्वानी। कुसुमखेड़ा के मुख्य चौराहे पर दुकानों के आगे से गुजर रहा एक गंदा नाला इन दिनों न सिर्फ बदबू फैला रहा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की पूरी कहानी बयान कर रहा है। दुकानों के आगे से गुजर रहे इस नाले में कचरे का अंबार जमा है। हालात ऐसे हैं कि तेज दुर्गंध अब लोगों की सांसों में घुल रही है और बीमारी का डर लगातार बढ़ता जा रहा है।सुबह से शाम तक बाजार में बैठने वाले दुकानदारों का कहना है कि नाले से उठ रही सड़ांध के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से बच रहे हैं। बाजार में रौनक की जगह अब सन्नाटा दिखाई देने लगा है। जिन दुकानों पर कभी भीड़ रहती थी, वहां अब दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ सफाई का मामला नहीं, बल्कि रोजी-रोटी का संकट बन चुका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। नाले की नियमित सफाई न होने के कारण कचरा सड़ रहा है और आस पास का माहौल जहरीला होता जा रहा है। राहगीरों को नाक बंद कर गुजरना पड़ रहा है, जबकि दुकानदार दिनभर इसी बदबू के बीच बैठने को मजबूर हैं। दुकानदारों ने हल्द्वानी नगर निगम के मुख्य अधिकारी से जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। यहां
सवाल सिर्फ एक नाले का नहीं है। सवाल यह है कि क्या शहर की सफाई व्यवस्था अब शिकायतों और आंदोलनों के भरोसे चलेगी? और क्या आम आदमी को साफ हवा में सांस लेने के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ेगा?





























