परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग
दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं ने खुद को “काकरोच” कहकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि सालों की मेहनत, कोचिंग की भारी फीस और घर से दूर रहकर पढ़ाई के बाद भी पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में देरी से उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। युवाओं ने कहा कि “काकरोच” शब्द उस वर्ग के लिए है जिसे व्यवस्था लगातार कुचलती है, लेकिन अब वह चुप नहीं बैठेगा। प्रदर्शन में किसी दल या राजनीति से जुड़े होने की बात उन्होंने सिरे से नकार दी।
युवा कांग्रेस भी 16 मई 2026 को इसी मुद्दे पर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर चुकी है। अगस्त 2025 में SSC अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द होने और अव्यवस्था को लेकर यहां धरना दिया था। तब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि “युवा अपने भविष्य के लिए सवाल पूछ रहा है, इसीलिए लाठियां खा रहा है”।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने से लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर “लाखों युवा” जंतर मंतर पहुंचने का दावा किया जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर मंतर पिछले कुछ महीनों में दिव्यांग अधिकार, एलयूसी घोटाला पीड़ितों और अन्य समूहों के प्रदर्शन का केंद्र भी रहा है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक मामलों की जांच जारी है, लेकिन छात्रों का कहना है कि जांच से काम नहीं चलेगा, जवाबदेही तय होनी चाहिए।





























