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यूकेडी ने उठाए स्थानीय रोजगार-खरीद पर सवाल

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IMPCL की ₹121 करोड़ में रणनीतिक बिक्री मंजूर

अल्मोड़ा । केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मोहन स्थित भारतीय औषधि एवं फार्मास्यूटिकल्स निगम लिमिटेड – IMPCL की 100% हिस्सेदारी दिल्ली की निजी कंपनी Skymap Pharmaceuticals Pvt. Ltd. को ₹121.94 करोड़ में बेचने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह बिक्री रणनीतिक विनिवेश नीति के तहत हुई है।बोली प्रक्रिया में Skymap की बोली रिजर्व प्राइस से अधिक थी और सौदे में प्रबंधन नियंत्रण भी खरीदार को हस्तांतरित होगा।

उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता सीए वरूण चंदोला ने IMPCL की बिक्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि IMPCL केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि पहाड़ की अर्थव्यवस्था, किसानों और स्थानीय रोजगार का आधार रही है।

वहीं यूकेडी नेता सीए वरूण चन्दोला ने बताया कि “1978 में वन भूमि पर बनी यह संस्था दशकों से पहाड़ के किसानों से जड़ी-बूटी खरीदकर उन्हें आय दे रही थी। सवाल यह है कि निजी हाथों में जाने के बाद क्या स्थानीय खरीद और रोजगार जारी रहेंगे? ₹121 करोड़ में उस संस्थान को बेचना उचित है जिसके पास भूमि, ब्रांड और स्थापित बाजार है?” उन्होंने कहा कि एक और पहाड़ में पलायन बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ लाभ में चल रही सरकारी संस्थाओं को भी सरकार निजी हाथों में सौंप कर स्थानीय लोगों के रोजगार को छिन रही है। वहीं उन्होंने कहा कि IMPCL आयुष मंत्रालय के अधीन आयुर्वेदिक-यूनानी दवाएं बनाती है और NAM व 6000 जनऔषधि केंद्रों को सप्लाई करती है। मोहन इकाई में 35.81 एकड़ लीज होल्ड भूमि और उत्पादन संयंत्र हैं। कंपनी से 500 से अधिक कर्मचारी व संग्राहक जुड़े हैं। IMPCL में केंद्र सरकार की 98.11% और KMVN की 1.89% हिस्सेदारी थी। कुमाऊ मण्डल विकास निगम लिमिटेड ने भी विनिवेश में सहमति दी थी।