हल्द्वानी। उत्तराखंड इकाई, संपर्क संस्थान की अनोखी पहल “शब्दों की चौपाल” के अंतर्गत 27 मार्च 2026 को द्वितीय मासिक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने काव्य पाठ से वातावरण को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई, हिंदू नववर्ष आगमन तथा नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी की भक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम का संयोजन हेमा पंत (हिमजा) द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ललिता कापड़ी ने सरस्वती वंदना “मां वीणा के तार संवार” से किया। इसके पश्चात हेमा पंत ने “लक्ष्य पथ”, मीना जोशी ने “नव संवत्सर” गीता मिश्रा ने “नव वर्ष सकल मंगलमय हो”, देवीना पाठक ने “तेरे दिवस के सिवा दूजी कोई आस ना” तथा साक्षी गोस्वामी ने “वो कोई और नहीं, मेरे महादेव हैं” जैसी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में रुचि पंत एवं भागीरथी चौहान श्रोता के रूप में उपस्थित रहीं और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का मंच बना, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और भक्ति भाव को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक सुंदर माध्यम भी सिद्ध हुआ।


























