मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट रहे उपस्थित

प्रतिभागियों ने सीखे पारंपरिक लोकगीत
हल्द्वानी। ग्रोइंग विजडम्स अकादमी के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत मनु लोक सांस्कृतिक धरोहर के तत्वावधान में, MAPEI के संयोजन तथा घुघुति बसुति के सह-संयोजन से आयोजित पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला के द्वितीय दिवस का सफल समापन हुआ। कार्यशाला का संचालन पद्मश्री से सम्मानित डॉ. माधुरी बड़थ्वाल द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कुमगढ़ पत्रिका के संपादक दामोदर जोशी (देवांशु) ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर गजराज सिंह बिष्ट का पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने डॉ. माधुरी बड़थ्वाल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में उनके योगदान की सराहना की। अपने संबोधन में महापौर बिष्ट ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और उसकी विविधता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी संस्कृति की वास्तविक समृद्धि उसकी परंपराओं, लोक कलाओं और सांस्कृतिक मूल्यों में निहित है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों में संस्कार और संस्कृति का संचार करने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाओं की है। वही अपने बच्चों के माध्यम से लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवित रख सकती हैं और आगे बढ़ा सकती हैं।

द्वितीय दिवस पर भी कार्यशाला में लगभग 30 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने डॉ. बड़थ्वाल के निर्देशन में पारंपरिक लोक संगीत जैसे शगुन आखर एवं कलश स्थापना गीतों का अभ्यास किया और लोक संस्कृति की बारीकियों को आत्मसात किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना एवं उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यशाला में प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता इस उद्देश्य की सार्थकता को दर्शाती है।



























