शिक्षा-स्वास्थ्य क्यों भूले विधायक?” : वरुण चंदोला
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के 13 मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 2.60 करोड़ की घोषणा का हम स्वागत करते हैं। हमारी संस्कृति और आस्था केंद्रों का संरक्षण जरूरी है। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही भाजपा विधायक को सिर्फ मंदिर याद आ रहे हैं, ये जनता को गुमराह करने की कोशिश है। कपकोट की जनता आज भी बदहाल स्कूलों, बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों और पलायन को मजबूर हो रहे युवाओं की समस्या झेल रही है। विधायक जी 5 साल तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर चुप रहे, अब ऐन चुनाव से पहले आस्था के नाम पर 20-20 लाख बांट रहे हैं।
यूकेडी का स्पष्ट मानना है कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा सबका जीर्णोद्धार होना चाहिए, लेकिन उसके साथ-साथ कपकोट में डिग्री कॉलेज की हालत, पीएचसी में डॉक्टरों की कमी, और युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार पर भी उतनी ही प्राथमिकता देनी होगी। आस्था के साथ-साथ रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य भी देवभूमि के विकास का हिस्सा हैं। जनता अब सिर्फ घोषणा पत्र नहीं, जमीनी काम देखना चाहती है।





























