Home उत्तराखंड मैं, हम या हौंसला में कौन बनेगा 2027 का खेवनहार

मैं, हम या हौंसला में कौन बनेगा 2027 का खेवनहार

2236

चुनावी मुद्दों की नई तस्वीर

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार

हल्द्वानी। ज्यों-ज्यों 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, उत्तराखंड की सियासी तस्वीर और तेज़ होती जा रही है। भाजपा, कांग्रेस के अलावा इस बार यूकेडी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। चुनावी रणभूमि में न सिर्फ बड़े चेहरे, बल्कि छोटे-छोटे फैसले भी अब जनता की नजर में हैं। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भले ही चुनाव मैदान में नहीं उतर रहे, लेकिन उनकी नीतियाँ पार्टी में साफ नजर आ रही हैं। जिस उम्मीदवार को कोश्यारी समर्थन दें, वही टिकट पा जाता है। बड़े चेहरे की जरूरत नहीं, यहां बस “हम” की नीति लागू होती दिख रही है। वही कांग्रेस में पूर्व सीएम हरीश रावत की सक्रियता अब फिर दिख रही है। उनके फैसलों में खुद के लिए पहले टिकट, फिर अपने पसंदीदा चेहरों के लिए टिकट रही है। लेकिन इस बार कांग्रेस 2022 की गलती से सबक लेकर इस बार उसकी रणनीति थोड़ी नुकीली दिख रही है। दूसरी तरफ उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) इस चुनाव में अपने दम पर जनता के बीच मजबूत स्थिति बनाने में जुटी है। काशी सिंह ऐरी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर उन्होंने अपनी रणनीति पहले ही तय कर ली है। यूकेडी शहरों से ज्यादा पहाड़ों और जनमुद्दों की बात कर रही है, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व विकास जैसे मुद्दों को उठाकर यूकेडी जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा दिन-ब-दिन बढ़ते महिला अपराध, जंगली जानवरों से उत्पन्न खतरे और गैरसैंण में स्थाई राजधानी जैसे मुद्दे उठाकर यूकेडी जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश में जुटी है।
भले ही यूकेडी के पास भाजपा और कांग्रेस जैसे संसाधन नहीं हैं, लेकिन स्थानीय जनता में इसका हौसला और पकड़ तेजी से बढ़ रही है। इस चुनाव में “हौंसला” ही सबसे बड़ा हथियार बनता दिख रहा है। उत्तराखंड की जनता अब राष्ट्रीय दलों के मुकाबले स्थानीय दलों पर भी ध्यान देने लगी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर यूकेडी की भूमिका यहां निर्णायक हो सकती है।
2027 के विधानसभा चुनाव में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि जनता कौन सा रास्ता चुनती है भाजपा की “हम” नीति, कांग्रेस की “मैं” नीति या यूकेडी का स्थानीय हौंसला। उत्तराखंड की राजनीति इस बार और भी रंगीन और रोमांचक होने वाली है।