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बच्चों और महिलाओं ने पेश की मिसाल

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सामूहिक प्रयास से कम्युनिटी पार्क को बनाया स्वच्छ

हल्द्वानी। “परिवर्तन की शुरुआत किसी बड़े आंदोलन से नहीं, बल्कि एक छोटे से जागरूक कदम से होती है” इस संदेश को साकार करते हुए आज प्रातः स्थानीय कम्युनिटी पार्क में बच्चों और महिलाओं ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया तथा पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

Growing Wisdom Academy की अध्यक्ष एवं संपर्क संस्थान उत्तराखंड इकाई की प्रभारी ललिता कापड़ी द्वारा मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के दौरान बच्चों को इस बात के लिए प्रेरित किया गया कि जिस सार्वजनिक स्थान का उपयोग हम प्रतिदिन करते हैं, उसकी स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। उनके इस आह्वान को बच्चों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया तथा तत्काल स्वच्छता अभियान में जुट गए।

इस अभियान में सूरज, शाश्वत, अंश आर्य, यश, मानस, मुकेश, भास्कर, नमन और किशन के साथ-साथ पूनम शर्मा एवं नीमा (मुनस्यारी) ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने मिलकर कम्युनिटी पार्क की सफाई कर यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।

ललिता कापड़ी ने बच्चों, महिलाओं, अभिभावकों एवं विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे जागरूक नागरिकों की आवश्यकता है जो केवल अपने अधिकारों के प्रति ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग हों। उन्होंने कहा कि जब समाजहित का कोई कार्य सामने आता है और बच्चे बिना किसी झिझक के आगे बढ़कर अपनी भागीदारी निभाते हैं, तो यह भविष्य के प्रति आशा और विश्वास को मजबूत करता है।

उन्होंने विशेष रूप से जे.डी.एम. पब्लिक स्कूल एवं सावित्री पब्लिक स्कूल का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों का व्यवहार इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की भावना का विकास करना भी है।

स्वच्छता अभियान के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने यह अनुभव किया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के वातावरण के प्रति थोड़ा-सा भी उत्तरदायित्व निभाए, तो समाज और पर्यावरण दोनों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी ऐसे जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि “एक अकेला व्यक्ति सब कुछ नहीं कर सकता, लेकिन जब समाज के लोग मिलकर छोटे-छोटे प्रयास करते हैं, तो वही प्रयास बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।”