Home उत्तराखंड पर्यावरण योद्धा शंकर बिष्ट को मिलेगा गौरा देवी सम्मान

पर्यावरण योद्धा शंकर बिष्ट को मिलेगा गौरा देवी सम्मान

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6 जून को जोशीमठ में होगा सम्मान समारोह

50 नौलों का किया पुनर्जीवन, 2000 से अधिक चाल-खाल बनाकर जल संरक्षण को दी नई दिशा

चौखुटिया । पर्यावरण, जल और जंगल के संरक्षण में जमीनी स्तर पर काम करने वाले चौखुटिया के पर्यावरण प्रेमी शंकर सिंह बिष्ट को इस साल के प्रतिष्ठित गौरा देवी सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान 6 जून को जोशीमठ के उरगम घाटी स्थित हिलम में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। गौरा देवी सम्मान हर साल पर्यावरण, वन, वन्यजीव, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण के लिए काम करने वाले लोगों को दिया जाता है।

गांव लौटकर शुरू किया मिशन

मूल रूप से चौखुटिया के चनोला गांव निवासी शंकर बिष्ट बचपन से ही प्रकृति के करीब रहे हैं। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद वह अपने गांव लौट आए और जल संरक्षण, वन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में काम शुरू किया।

साथियों के सहयोग से उन्होंने हिमगिरि परिवार और हिमगिरि वॉरियर्स नामक संस्थाओं की स्थापना की। इन संस्थाओं के माध्यम से उन्होंने अब तक 50 पारंपरिक नौलों और धारों का पुनर्जीवन किया, 2000 से अधिक खाल-खंतियों का निर्माण कराया, पश्चिमी रामगंगा नदी पर स्रोत से संगम तक अध्ययन यात्रा आयोजित की, जल संरक्षण जागरूकता अभियान और देवदार संरक्षण जैसे कार्यों का नेतृत्व किया।

पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान

शंकर बिष्ट को उनके कार्यों के लिए पहले भी जल दूत, चिपको अमृतकाल सम्मान, ग्रीन आइडल, माइथान रत्न और बेस्ट फायर वॉचर जैसे सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।वर्तमान में वह बसभीड़ा, महतगांव, हाटझाला और झूमाखेत क्षेत्र में 4 महीने में 50 बड़े खाल और 100 से अधिक चाल-खंतियों का निर्माण कर रहे हैं। चौखुटिया क्षेत्र में महिलाओं के साथ मिलकर चाल-खाल बनाने के उनके प्रयास पर्यावरण संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी का बड़ा उदाहरण बन गए हैं।