हल्द्वानी । उत्तरांचल फैडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखण्ड जनपद नैनीताल ने अपनी दीर्घकाल से लंबित 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से सौंपा। एसोसिएशन के प्रान्तीय संयोजक रमेश चन्द्र जोशी और मुख्य संयोजक मनोज पन्त ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों मिनिस्टीरियल कार्मिकों की मांगों को लेकर शासन स्तर पर कई बार वार्ता हुई और कार्यवृत्त भी जारी हुए, लेकिन शासनादेश जारी न होने से कार्मिकों में हताशा और आक्रोश है।
ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं –
1. कनिष्ठ सहायक का ग्रेड वेतन लेवल-5 (2800) अनुमन्य कर प्रधान सहायक व प्रशासनिक अधिकारी पद को समाहित कर प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पदों को समाहित कर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं एक पद उप निदेशक (प्रशासन) लेवल-11 के अतिरिक्त पद का सृजन किया जाए। 2. पदोन्नति न होने वाले विभागों में पदोन्नत एसीपी की व्यवस्था लागू हो। 3. फार्गो नियमावली समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू हो। 4. जिन विभागों में मिनिस्टीरियल पदों का पुनर्गठन नहीं हुआ है वहां पुनर्गठन कराया जाए। 5. 80 प्रतिशत कार्मिक सरकारी सेवा में होने के कारण पुरानी पेंशन योजना से वंचित हैं, उन्हें पुरानी पेंशन बहाली हेतु केन्द्र से अनुरोध किया जाए। 6. गोल्डन कार्ड में आ रही असुविधा को समाप्त किया जाए। 7. स्थानान्तरण अधिनियम की कठिनाइयों को दूर करने के लिए बैठक की जाए। 8. मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह ख) के कर्तव्य एवं दायित्वों का संशोधित शासनादेश जारी हो। 9. मिनिस्टीरियल की कॉमन सेवा नियमावली प्रख्यापित की जाए। 10. समूह ‘ग’ के कार्मिक को गृह तहसील में तैनाती का शासनादेश जारी हो। 11. पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त हो। 12. सृजित पदों पर आउट सोर्सिंग से तैनाती न की जाए, इसकी स्पष्ट एसओपी बनाई जाए।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए शासनादेश जारी करने की मांग की है।































