संपर्क संस्थान (उत्तराखंड इकाई) की ऑनलाइन संगोष्ठी में मन्नू भंडारी से शेक्सपियर तक के साहित्य पर हुआ गंभीर विमर्श
14 अप्रैल 2026 संपर्क संस्थान की उत्तराखंड इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को एक विशिष्ट ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चा एवं साहित्यिक समीक्षा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। अप्रैल माह में जन्मे साहित्य जगत के कालजयी रचनाकारों के कृतित्व और साहित्यिक अवदान को समर्पित इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यप्रेमियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में साहित्य के देदीप्यमान नक्षत्रों — मन्नू भंडारी, महापंडित राहुल सांकृत्यायन, माखनलाल चतुर्वेदी, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ तथा विश्वविख्यात साहित्यकार विलियम शेक्सपियर की रचनाओं पर गंभीर, प्रभावशाली और विचारोत्तेजक समीक्षाएं प्रस्तुत की गईं।
प्रतिभागियों ने मन्नू भंडारी की कहानियों में आधुनिक स्त्री के अंतर्द्वंद्व, संघर्ष और सामाजिक यथार्थ को रेखांकित किया। वहीं ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से विख्यात माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं में निहित राष्ट्रप्रेम, संवेदना और जनचेतना पर विस्तार से चर्चा हुई। महापंडित राहुल सांकृत्यायन के ‘घुमक्कड़ी शास्त्र’ तथा उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया, जबकि हरिऔध जी की काव्य दृष्टि और भाषा-सौंदर्य को भी प्रतिभागियों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विलियम शेक्सपियर की लेखन शैली, मानवीय संवेदनाओं और नाट्य-कौशल पर भी सारगर्भित चर्चा हुई।
यह संगोष्ठी प्रतियोगिता के रूप में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान डॉ. सुमन पाण्डेय (लोहाघाट) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान ममता महक (कोटा) तथा मीना जोशी (हल्द्वानी) को संयुक्त रूप से मिला। तृतीय स्थान शैफाली चौहान (जयपुर) और चतुर्थ स्थान ऋचा जोशी (पिथौरागढ़) ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक के रूप में प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. भगवती पनेरू उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की समीक्षाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। अपने संबोधन में डॉ. पनेरू ने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक विमर्श न केवल हमारी बौद्धिक चेतना को समृद्ध करते हैं, बल्कि साहित्य के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और संवेदनशीलता भी विकसित करते हैं। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए संपर्क संस्थान को बधाई देते हुए इसे साहित्य-संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत संपर्क संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य प्रभारी ललिता कापड़ी ने की तथा कार्यक्रम का संचालन संपर्क साहित्य संस्थान की सह सचिव शशि कुड़ियाल ने किया।
इस बौद्धिक एवं साहित्यिक आयोजन में डॉ. सुमन पाण्डेय, ऋचा जोशी, स्मिता शाह, नीतू डिमरी, नेहा खत्री, सुधांशु शाह, शैफाली चौहान, गीता जुयाल, ममता महक और मीना जोशी सहित अनेक प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता दी। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे साहित्यिक संवाद और चिंतन को नई दिशा देने वाला सार्थक प्रयास बताया।
अंत में उत्तराखंड राज्य प्रभारी ललिता कापड़ी ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।



























