जल्द वार्ता का आश्वासन
देहरादून। उत्तराखंड के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों ने आज अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम किया। जुलूस के मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुँचने पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि प्रो. मधुसूदन जोशी ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की और एक-दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद आज का आवास घेराव कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि संगठन पिछले 4 जून से शिक्षा निदेशालय, देहरादून में अनिश्चितकालीन धरने और क्रमिक अनशन पर बैठा है। आज धरने का 91वां दिन और क्रमिक अनशन का 86वां दिन है। संगठन का आरोप है कि इतने लंबे आंदोलन के बाद भी सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
आज के घेराव कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रशिक्षित बेरोजगार मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे, योगेंबर नेगी, महेश नेगी, संजय कोरंगा, गिरीश मिश्रा, शशि प्रकाश, गीता नेगी, विपिन भंडारी, बॉबी तोमर, शुभम प्रजापति, दीपक सैनी, प्रकाश चंद्र, धनपाल सिंह, मेहरबान अली, विजय कुमार, कमल दशमाना, सच्ची प्रकाश, रविकांत आर्य, नितिन प्रजापति, सुमन केवावाल, रजत, अभिनव कुमार, आशीष, भुवनेश बिष्ट, शैलेंद्र, अनिल राज, सुमन नेगी आदि शामिल थे।
संगठन की प्रमुख 4 मांगें:
1. नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय से लेकर प्रत्येक इंटरमीडिएट विद्यालय तक एक शारीरिक शिक्षक की अनिवार्य नियुक्ति की जाए।
2. उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी फाइल संख्या 77006 को कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
3. उत्तराखंड के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों को भर्ती में आयु सीमा में छूट दी जाए।
4. नई शिक्षा नीति के तहत शारीरिक शिक्षा के प्रवक्ता पद का सृजन किया जाए।































