Home उत्तराखंड श्लोकों से गूंजा हल्द्वानी, झांकियों से सजा शहर

श्लोकों से गूंजा हल्द्वानी, झांकियों से सजा शहर

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स्वामी मोनानंद महाराज ने कहा संस्कृत है सभी भाषाओं की जननी, मेयर ने दिखाई संस्कृत शोभा यात्रा को हरी झंडी

हल्द्वानी । उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार द्वारा आयोजित विशाल संस्कृत शोभा यात्रा का शुभारंभ मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने रामलीला मैदान से हरी झंडी दिखाकर किया।

शोभा यात्रा में विविध प्रकार की भव्य एवं दिव्य झांकियां सजाई गई थीं। छात्र-छात्राएं हाथों में ध्वजा-पट्टिकाएं लिए हुए थे, जिन पर संस्कृत में उद्घोष लिखे थे। संस्कृत गीतों और श्लोकों का उच्चारण करते हुए विशाल शोभा यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए पर्वतीय उत्थान मंच, हीरानगर पहुंची। मार्ग में सैकड़ों लोगों ने झांकियों का दर्शन कर स्वागत किया।

मेयर गजराज सिंह बिष्ट पूरी शोभा यात्रा में पैदल चले। उनके साथ पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, महामंडलेश्वर स्वामी मोनानंद जी महाराज सहित अनेक गणमान्य लोग और विद्वान भी पैदल शामिल रहे। मार्ग में अकादमी के सचिव प्रो. डॉ. विनय विद्यालंकार ने लोगों को संस्कृत भाषा के महत्व और उपादेयता के बारे में जानकारी दी।

पर्वतीय उत्थान मंच, हीरानगर में विशाल गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि संस्कृत देवों की भाषा है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, अतः यह जन-जन की भाषा बने, इसके लिए सभी को संस्कृत की महत्ता समझनी होगी। महामंडलेश्वर स्वामी मोनानंद महाराज ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। विशिष्ट अतिथि प्रदीप बिष्ट ने कहा कि हमें जीवन में अध्यात्म का मार्ग संस्कृत के माध्यम से मिलता है।

अकादमी सचिव प्रो. डॉ. विनय विद्यालंकार ने कहा कि अकादमी द्वारा पूरे प्रदेश में संस्कृत शोभा यात्रा, छात्र प्रतियोगिता, संस्कृत सप्ताह एवं संस्कृत मास जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अकादमी का उद्देश्य संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि संस्कृत सप्ताह का आरंभ श्रीनगर गढ़वाल से किया गया था, जिसका समापन इस भव्य शोभा यात्रा के साथ किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह ने बताया कि शोभा यात्रा में 7 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं व अध्यापकों ने भाग लिया। सह-संयोजक डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि इस यात्रा में छात्रों, सामाजिक संगठनों, विद्वानों और अतिथियों सहित लगभग 750 लोगों ने भाग लिया। भोजन-जलपान सहित सभी व्यवस्थाएं अकादमी द्वारा की गईं।

समापन अवसर पर डॉ. भुवन चंद्र त्रिपाठी, श्रीमती जानकी त्रिपाठी, डॉ. देवेंद्र प्रसाद हरबोला, डॉ. के.सी. जोशी, डॉ. राजेंद्र भट्ट, डॉ. मनोज पांडेय सहित अनेक विद्वानों तथा प्रतिभागी विद्यालयों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन शोध अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी व डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक संस्कृत डॉ. यशोदा प्रसाद सिमल्टी, डॉ. चंद्र बल्लभ बेलवाल, डॉ. एस.डी. तिवारी, डॉ. जगदीश पांडेय, डॉ. नीरज जोशी, चंद्रशेखर भट्ट सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।