Home उत्तराखंड सी.आई.एम.एस. ग्रुप में ऐतिहासिक एम.ओ.यू., वीर नारियों की 100% फीस माफ

सी.आई.एम.एस. ग्रुप में ऐतिहासिक एम.ओ.यू., वीर नारियों की 100% फीस माफ

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लैंसडाउन में शिक्षा और नशामुक्ति का दोहरा संकल्प

देहरादून/लैंसडाउन। सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ी पहल हुई है। सी.आई.एम.एस. और यू.आई.एच.एम.टी. ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून और गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के बीच मंगलवार को मिशन एजुकेशन स्कीम के तहत एम.ओ.यू.पर हस्ताक्षर हुए।गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर के सुरजन सिंह ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी और सी.आई.एम.एस. ग्रुप के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान 300 से अधिक सैन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। एमओयू की दो बड़ी बातें पहली वीर नारियां, वीर माताएं, बलिदानी सैनिकों के आश्रित और 4 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर व उनके आश्रितों को पात्र पाठ्यक्रमों में 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलेगी।

दूसरा सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके आश्रितों को 40 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने कहा कि यह करार गढ़वाल राइफल्स से जुड़े परिवारों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ललित जोशी ने कहा कि मेडिकल, पैरामेडिकल, मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट और लॉ जैसे कोर्स में आर्थिक कारणों से किसी सैनिक परिवार की पढ़ाई नहीं रुकेगी।

नशा आतंक का हथियार, सेना में गूंजा नशामुक्ति का संदेश

एम.ओ.यू. के साथ ही लैंसडाउन में नशामुक्ति अभियान भी चला। सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी ने करीब 2 हजार अग्निवीरों को संबोधित करते हुए कहा “आज नशा आतंक का एक बड़ा हथियार बन चुका है। युवाओं को बचाना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने जवानों से फिटनेस अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका का आह्वान किया। इस दौरान कर्नल मनोज उनियाल, कर्नल जगत सिंह नेगी, लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव, मेजर दिलबाग सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यह शिक्षा और नशामुक्ति की दोहरी पहल के रूप में देखा जा रहा है।