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आजादी के 79 साल का हिसाब

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“70 साल में क्या किया?” मोदी सरकार का सवाल और आंकड़ों का जवाब

कांग्रेस 54 साल, भाजपा 18 साल… और मोदी सरकार के “70 साल” वाले तंज का सच क्या है?

नई दिल्ली। 1947 से 2026 तक भारत की राजनीति ने 4 बड़े पड़ाव देखे – कांग्रेस का एकछत्र राज, जनता पार्टी का प्रयोग, गठबंधन का दौर और अब पूर्ण बहुमत की वापसी। इसी बीच संसद से लेकर चुनावी मंच तक मोदी सरकार का सबसे बड़ा तंज भी गूंजता रहा – “कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया?”

तो आंकड़े क्या कहते हैं? दिए गए आंकड़ों के आधार पर 79 साल का पूरा हिसाब-किताब कुछ यूं है:

1. कांग्रेस: 54 साल सत्ता में

  • एकदलीय सरकार: 44 साल
    • 1947–1977 : नेहरू, शास्त्री, इंदिरा गांधी – 30 साल। इसी दौरान संविधान बना, पंचवर्षीय योजनाएं और बैंक राष्ट्रीयकरण हुए।
    • 1980–1989 : इंदिरा गांधी, राजीव गांधी – 9 साल
    • 1991–1996 : पी.वी. नरसिम्हा राव – 5 साल। यहीं से आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत हुई।
  • गठबंधन सरकार: 10 साल
    • 2004–2014 : डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में UPA – लगातार 2 बार

2. भाजपा: 18 साल सत्ता में

  • गठबंधन सरकार: 18 साल
    • 1998–2004 : अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में NDA – 6 साल। पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन ने 5 साल पूरे किए।
    • 2014–2026 : नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA/BJP – 12 साल और जारी
  • एकदलीय बहुमत: 2014, 2019 और फिर 2024 में भाजपा ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया। हालांकि सरकार NDA के बैनर तले ही चली।

1996 में अटल जी की 13 दिन की सरकार को इस हिसाब में नहीं जोड़ा गया है।

3. तीसरा मोर्चा: 6 साल का प्रयोग

  • 1977–1979: जनता पार्टी – मोरारजी देसाई – 2 साल। देश की पहली गैर-कांग्रेस सरकार।
  • 1989–1991: राष्ट्रीय मोर्चा – वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर – 2 साल। मंडल आयोग लागू हुआ।
  • 1996–1998: संयुक्त मोर्चा – एच.डी. देवगौड़ा, आई.के. गुजराल – 2 साल। कांग्रेस ने बाहर से समर्थन दिया।

मोदी सरकार अक्सर विपक्ष को “70 साल” की नाकामी याद दिलाती है। आंकड़े बताते हैं कि ये तंज सीधे कांग्रेस के 54 साल के शासन + 10 साल के UPA समर्थन वाले दौर पर है। यानी 1947-2014 तक के लगभग पूरे समय को “कांग्रेस सिस्टम” कहकर निशाने पर लिया जाता है।

लेकिन इसी 54 साल में देश ने संविधान, हरित क्रांति, बैंकिंग, IT और उदारीकरण जैसे बड़े कदम भी देखे। वहीं भाजपा के 18 साल में NDA ने परमाणु परीक्षण से लेकर डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया, साथ ही महंगाई और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम रहे।

राजनीतिक जानकार कहते हैं कि 1998 के बाद से भारत “गठबंधन युग” से निकलकर फिर “स्थिरता के युग” में आ गया है। 1947-1977 कांग्रेस युग, 1977-1998 प्रयोग और अस्थिरता का दौर, और 1998-2026 गठबंधन से पूर्ण बहुमत तक का सफर।

आजादी के 79 साल में कांग्रेस 54, भाजपा 18 और अन्य 6 साल। “70 साल” वाला कटाक्ष एक राजनीतिक नैरेटिव है जो कांग्रेस के सबसे लंबे शासनकाल को घेरता है। अब सवाल ये है कि अगले 5 साल में ये हिसाब-किताब कैसे बदलेगा?