Home उत्तराखंड शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों का अनिश्चितकालीन धरना 63वें दिन भी जारी

शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों का अनिश्चितकालीन धरना 63वें दिन भी जारी

1145

सरकार पर जल्द फैसला न लेने का दबाव

देहरादून। उत्तराखंड में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों का आंदोलन बुधवार को भी थमा नहीं। शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज 63वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि क्रमिक अनशन का आज 48वां दिन है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है। आज क्रमिक अनशन पर प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चन्द्र पाण्डेय, महेश नेगी और संजय कोरंगा बैठे। धरने में भुवनेश बिष्ट सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।

सरकार को दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 4 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है। “सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो शारीरिक शिक्षा शिक्षक उत्तराखंड में जल्द ही कुछ बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे,” धरने में मौजूद नेताओं ने कहा।

प्रमुख मांगें
शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. नई शिक्षा नीति के तहत नियुक्ति: प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक सभी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
  2. फाइल संख्या 77006 को मंजूरी: उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा (व्यायाम) शिक्षक पद से जुड़ी फाइल संख्या 77006 को वित्त विभाग से मंजूरी दिलाकर कैबिनेट में पास किया जाए।
  3. आयु सीमा में छूट: शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को भर्ती में आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य में खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए हर स्कूल में प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक होना जरूरी है, लेकिन वर्षों से लंबित भर्तियों और फाइलों के कारण हजारों प्रशिक्षित युवा बेरोजगार बैठे हैं। फिलहाल शिक्षा निदेशालय परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी है और अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने की बात कही है।