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उत्तराखंड की महिलाओं की मांग

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UTC की साधारण बसों में मिले निःशुल्क यात्रा का अधिकार

हर महिला का सम्मान, मुफ्त बस यात्रा हमारा अभियान – शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए उठी आवाज़

हल्द्वानी। उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। राज्य की महिलाओं ने उत्तराखंड परिवहन निगम की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की मांग की है। अभियानकर्ताओं का कहना है कि यह सुविधा महिलाओं के लिए अधिकार है, कोई एहसान नहीं।

पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए चलाए जा रहे इस जन-अभियान में कहा गया है कि “उत्तराखंड की स्थायी महिला निवासियों को UTC की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए”। अभियान से जुड़े लोगों का तर्क है कि पहाड़ी राज्य में यातायात की ऊंची लागत के कारण महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच बाधित होती है।

क्यों जरूरी है ये कदम?
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार इस सुविधा से 5 बड़े लाभ होंगे:

  1. शिक्षा: छात्राओं की स्कूल-कॉलेज तक भागीदारी बढ़ेगी
  2. स्वास्थ्य: दूरस्थ गांवों की महिलाओं को अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों तक आसान पहुंच मिलेगी
  3. रोजगार: महिलाओं को नौकरी और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे
  4. पर्वतीय क्षेत्र: दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष राहत
  5. सार्वजनिक परिवहन: सरकारी बसों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा

अभियान का नारा है – नारी शक्ति – उत्तराखंड की प्रगति की शक्ति पोस्टर में स्पष्ट किया गया है कि “यह किसी संगठन की नहीं, यह उत्तराखंड की हर माँ, बहन, बेटी की मांग है”।

सोशल मीडिया पर जोर

अभियानकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि वे इस संदेश को व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक और X पर अधिक से अधिक शेयर करें ताकि सरकार और शासन का ध्यान इस जनहितकारी मांग की ओर आकर्षित हो सके। इसके लिए #निःशुल्क बस यात्रा_हमारा अधिकार और #महिलाओं_का_सम्मान जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों में पहले से ही महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा की सुविधा दी जा रही है। अब उत्तराखंड की महिलाएं भी इसी तर्ज पर अपने अधिकार की मांग कर रही हैं।