पार्षद प्रतिनिधि हेमन्त साहू का सनसनीखेज आरोप
राजपुरा में नशे के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, जनप्रतिनिधियों से अभद्रता पर भड़के विधायक सुमित हृदयेश
हल्द्वानी। एक तरफ सरकार के बड़े-बड़े होर्डिंग चीख-चीख कर कह रहे हैं – “नशा मुक्त उत्तराखंड”, दूसरी तरफ हकीकत ये है कि राजपुरा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि को ही अपनी हत्या की आशंका सताने लगी है। इससे ज्यादा सरकार के दावों की पोल और क्या खुलेगी?राजपुरा क्षेत्र में बेलगाम होते नशे के कारोबार को लेकर सोमवार को क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों का सब्र टूट गया। दर्जनों लोग हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के आवास पर पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई। लोगों का कहना था कि नशे ने युवाओं के साथ-साथ पूरे परिवारों को बर्बाद कर दिया है, लेकिन पुलिस-प्रशासन कुंभकर्णी नींद में है। इस दौरान सबसे गंभीर आरोप पार्षद प्रतिनिधि हेमन्त साहू और पार्षद अधिवक्ता धर्मवीर ने लगाए। आरोप है कि जब वे नशे की शिकायत लेकर पुलिस कप्तान के पास गए तो उन्हें सम्मान देने की बजाय अभद्र व्यवहार का शिकार होना पड़ा।
इस अपमान पर विधायक सुमित हृदयेश का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने दो टूक कहा – “पार्षद क्या कोई तस्कर है जो उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया? जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं। उनका अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विधायक ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि जो लोग नशा माफियाओं के खिलाफ लड़ रहे हैं, उन्हीं को हतोत्साहित किया जा रहा है। वहीं पार्षद प्रतिनिधि हेमन्त साहू ने जो कहा वह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। साहू ने कहा – “पुलिस नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर जान की दुश्मन बन गई है। मुझे झूठे मुकदमों में फंसाने और मेरी हत्या करने की साजिश रची जा रही है। मेरे साथ कोई भी अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस कप्तान और चौकी इंचार्ज की होगी।”
सोचने वाली बात है, जिस प्रदेश में जनप्रतिनिधि खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा हो और अपनी हत्या की आशंका जता रहा हो, वहां आम आदमी का क्या हाल होगा? सरकार विधानसभा में नशे पर बड़े-बड़े भाषण देती है, लेकिन जमीनी हकीकत राजपुरा की गलियों में बिक रही नशे की पुड़ियाओं में दिखती है। विधायक सुमित हृदयेश ने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले को वे सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे। नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा वे आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के युवाओं को नशे के अंधकार से निकालकर खेल, शिक्षा और रोजगार की रोशनी दिखाना ही उनका संकल्प है।
बैठक में कांग्रेस जिला महामंत्री मलय बिष्ट, पार्षद धर्मवीर, पार्षद प्रीति आर्या, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित कुमार, पूर्व सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, पूर्व पार्षद दिनेश चौहान, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, मधु कश्यप, अरविन्द बाल्मीकि, नवीन चौहान, गंगा राम आर्या समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।































