Home उत्तराखंड लोकसभा में महेंद्र भट्ट ने खोल दी धामी सरकार की पोल

लोकसभा में महेंद्र भट्ट ने खोल दी धामी सरकार की पोल

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कहा उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन

नई दिल्ली/देहरादून। राज्यसभा में बुधवार को बीजेपी सांसद और उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने ऐसा मुद्दा उठा दिया जिससे सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष भी एक बारगी चौंक गया। भट्ट ने सदन में खड़े होकर साफ कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन है और गांव खाली हो रहे हैं।दरअसल ये वही सरकार है जिसका पिछले 10 साल से राज्य और केंद्र दोनों जगह राज है। ऐसे में भट्ट का ये बयान अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल बनकर सामने आया।

“2027 की जनगणना से खुलेंगे राज”

भट्ट ने कहा कि 2027 में होने वाली जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाने की कवायद नहीं है। ये उत्तराखंड के भविष्य और सीमांत गांवों के अस्तित्व का सवाल है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि जनगणना को “अपनी गणना – अपना गांव” अभियान के रूप में चलाया जाए। ताकि हर उत्तराखंडी का रिश्ता उसके मूल गांव से दर्ज हो, पलायन का सही डेटा आए और योजनाओं का लाभ आखिरी गांव तक पहुंचे।

“गांव सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं”

सांसद ने सदन को याद दिलाया कि पहाड़ के गांव सिर्फ भौगोलिक इकाई नहीं हैं। ये हमारी संस्कृति, परंपरा और “राष्ट्र की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति” हैं। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों से बढ़ता पलायन सबसे बड़ा चिंता का विषय है। बहरहाल इतना ही कहा जा सकता है कि पहाड़ से पलायन इसलिए अत्ययधिक बढ़ा है क्योंकि इन्हीं की डबल इंजन की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर बेहतर कार्य करने में असफल रही है।

पोल खुली या आईना दिखाया?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भट्ट ने भाषण के जरिए बिना नाम लिए अपनी ही सरकार की नाकामी गिना दी। स्कूल बंद, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं, सड़कों की हालत खराब और रोजगार नदारद। नतीजा ये कि पहाड़ के 1000 से ज्यादा गांव वीरान हो चुके हैं। अब सवाल ये है कि “अपनी गणना – अपना गांव” से ताले गिनने के बाद क्या सरकार ताले खोलने की चाबी भी देगी? या 2027 की जनगणना के बाद 2031 में फिर कोई सांसद उठकर कहेगा कि “पलायन अब भी सबसे बड़ी समस्या है”। भट्ट के बयान के बाद सदन में हंगामा था। शायद इसलिए क्योंकि आईना जब अपनी ही सरकार को दिखाया जाए तो तालियां कम और सवाल ज्यादा उठते हैं।

जब विपक्ष सो रहा हो, तो सत्ता पक्ष ही जाग कर सरकार गिराने का काम कर देता है