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जनता की सेवा या संगठन की सेवा?

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टैक्स जनता का, टाइम संगठन का – हल्द्वानी में दिखेगा डबल इंजन का प्रोटोकॉल

हल्द्वानी में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य स्वागत होने जा रहा है, और इस भव्यता को देखने के बाद समझ आता है कि उत्तराखंड में अब सरकार और संगठन में फर्क बचा ही कहां है। जिस स्वागत की तैयारी का जिम्मा भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का होना चाहिए था, उस स्वागत में पूरा प्रदेश मंत्रिमंडल, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री, सब हाथ जोड़ कर भूमि पूजन में जुटे हैं। अब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि जिनका काम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना था, वो रामलीला मैदान में साज-सज्जा, मंच व्यवस्था और झंडा-होर्डिंग का हिसाब देख रहे हैं। चलो अच्छा है, कम से कम जनता को अब साफ दिख रहा है कि उनके टैक्स का पैसा और उनके नेताओं का समय कहां खर्च हो रहा है।

खैर, बताया जा रहा है कि 9 सितंबर को करीब 597 पदाधिकारियों के साथ प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक होगी। कहा तो यह जा रहा है कि इसमें 2027 मिशन की तैयारी, संगठन की जमीनी स्थिति और सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया जाएगा। अनुवाद सरल है – यह बैठक तय करेगी कि 2027 में फिर से कुर्सी कैसे हथियानी है। कौन जिताऊ है, किसकी रिपोर्ट ठीक है, और जनता की राय का कितना दिखावा करना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी हल्द्वानी पधार रहे हैं, पूरा कैबिनेट उनकी सेवा में पलक-पांवड़े बिछाए बैठा है। जनता इंतजार करती रहेगी, क्योंकि अभी प्राथमिकता में जनता नहीं, अध्यक्ष जी का नवीन अंदाज में स्वागत है।