शहीद अमृता देवी के बलिदान से लेगी प्रेरणा
रुद्रप्रयाग। हिमालय की प्राकृतिक धरोहरों, पवित्र बुग्यालों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता के लिए तृतीय केदार श्री तुंगनाथ महादेव तपोभूमि न्यास एक अनूठी पहल करने जा रहा है। न्यास द्वारा हिमालय संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान के तहत तुंगनाथ मैराथन का आयोजन किया जाएगा।इस अभियान की प्रेरणा राजस्थान के खेजड़ली में वृक्षों की रक्षा के लिए प्राण देने वाली शहीद अमृता देवी और 363 बलिदानियों के त्याग से ली गई है।
तुंगनाथ धाम से इंडिया गेट तक जाएगा संदेश
न्यास की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार दो चरणों में यह अभियान चलेगा –
पहला चरण – 31 अक्टूबर 2026: तृतीय केदार श्री तुंगनाथ धाम से मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल तक जागरूकता मशाल यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दुपहिया वाहनों से संचालित होगी।
दूसरा चरण – 1 नवंबर 2026: रामपुर तिराहा शहीद स्थल से नई दिल्ली के इंडिया गेट तक तुंगनाथ मैराथन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।
हिमालय संरक्षण समय की जरूरत
उत्तराखंड की पहचान उसकी पर्वत श्रृंखलाओं, पवित्र नदियों और बुग्यालों से है। लेकिन बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण, अनियंत्रित पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव हिमालय के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। तुंगनाथ मैराथन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है। न्यास ने युवाओं, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि स्वच्छ, सुरक्षित और प्लास्टिक मुक्त हिमालय का संकल्प पूरा हो सके।


































