देहरादून/बागेश्वर। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य पर लगे कथित घोटाले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप खेतवाल ने मंत्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह घोटाला 210 करोड़ का नहीं, बल्कि 600 करोड़ से अधिक का महाघोटाला है।
खेतवाल ने दावा किया कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल की है। उनके मुताबिक बाल विकास विभाग में 50 रुपये की धोती 490 रुपये में खरीदी गई। विभाग का सारा सामान – केले मध्य प्रदेश से, बिस्किट गुजरात से, साड़ी सूरत और राजस्थान से खरीदा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सारी आपूर्ति उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री, विधायकों और मंत्रियों की साठगांठ से हो रही है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी है।
खेतवाल ने शिक्षा विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा बांटी गई 220 पेज की निशुल्क नोटबुक की बाजार कीमत 50 रुपये है, लेकिन विभाग ने तीन प्रिंटिंग प्रेस से कोटेशन लेकर 159 रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से खरीद की।
“मैंने भी इस टेंडर में भाग लिया था और 27 करोड़ का कोटेशन दिया था, लेकिन मेरा टेंडर निरस्त कर 57 करोड़ का टेंडर पास कर घटिया कॉपियां बांट दी गईं,” खेतवाल ने आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को पूरी जानकारी चाहिए तो आरटीआई लगा ले, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। एक न एक दिन इस मिलीभगत में शामिल तीनों प्रेस वाले और इसमें लिप्त मंत्री जेल जाएंगे।
मंत्री रेखा आर्य के आंसुओं पर तंज कसते हुए खेतवाल ने कहा, “रेखा आर्या आज आंसू बहा रही हैं, जब आपने पूरा उत्तराखंड का काम मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात को दे रखा था, तब राज्य के सप्लायरों के आंसू निकल रहे थे। ये आंसू उन्हीं सप्लायरों के आंसुओं की बदौलत हैं। जैसी करनी वैसी भरनी।”
नोट: ये सभी आरोप दिलीप खेतवाल द्वारा लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि किसी सरकारी जांच में नहीं हुई है।


































