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संपर्क संस्थान के रजत जयंती महोत्सव में उत्तराखंड की पांच कृतियों समेत ग्यारह पुस्तकों का भव्य विमोचन

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किशनगढ़ (अजमेर)। किशनगढ़ की पावन धरा पर साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के भव्य संगम के बीच ‘संपर्क संस्थान’ के 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का रजत जयंती महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामयी आयोजन का सबसे मुख्य आकर्षण देश भर से पधारे साहित्यकारों की 11 प्रतिष्ठित पुस्तकों का भव्य लोकार्पण रहा, जिसमें देवभूमि उत्तराखंड के रचनाकारों की पांच कृतियों ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया।

अरसेन विहार, मदनगंज-किशनगढ़ में आयोजित इस समारोह में उत्तराखंड के जिन रचनाकारों की कृतियों का एक मंच पर विमोचन हुआ उनमें शशि कुड़ियाल चंद्रभा (देहरादून, उत्तराखंड) के काव्य संग्रह ‘कुछ दिल ने कहा’ एवं कहानी संग्रह ‘सात फेरे’ ललिता कापड़ी (हल्द्वानी) के काव्य संग्रह ‘मैं ख्वाब देखती हूं’ एवं गद्य संग्रह ‘ठहर कर देखो ज़रा’ स्मिता साह ‘शायराना स्वयं’ (हल्द्वानी) के शायरी संग्रह ‘शायराना स्वयं’ इसके साथ ही, समन्वयक महासचिव रेनू ‘शब्दमुखर’ (जयपुर) का साझा काव्य संग्रह ‘स्त्री स्वर : मौन से मुखर तक’, सुनीता त्रिपाठी का ‘दृष्टिमन भाग-4’, रसिका शर्मा की ‘जिद जिसने मुक़ाम दिलाया’, डॉ. नमिता चौहान की ‘मौन झंकृति’, किशन राठी की ‘मैं से हम की ओर’ तथा शिवपाल दुवास्ता की कृति ‘खरोंच’ का विमोचन किया गया। राजस्थान की भूमि पर उत्तराखंड सहित विभिन्न अंचलों की इन कृतियों का संगम दोनों प्रदेशों के बीच अनूठे साहित्यिक सेतु का प्रतीक बना। आतिथ्य और सेवा तथा साहित्य के संवर्धन के पावन ध्येय को समर्पित इस दो दिवसीय भव्य समारोह का शुभारंभ शनिवार, 8 अगस्त 2026 को प्रातः हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रहे, जबकि अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी, रोजियम ग्रुप के चेयरमैन अर्पित जैन तथा किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

सम्पर्क संस्थान द्वारा पिछले पच्चीस वर्षों में शिक्षा, समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं के ताने-बाने से साहित्य को जीवंत रखने के इस गरिष्ठ आयोजन को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा, सुनीता लढ़ा, समन्वयक महासचिव रेनू ‘शब्दमुखर’, महाचचिव सुनील अग्रवाल,कार्यक्रम संयोजक डॉ. अखिल शुक्ला एवं उपाध्यक्ष विमल चौहान सहित संपूर्ण संपर्क परिवार का विशेष योगदान रहा है।

जन कल्याण, स्त्री सशक्तिकरण और साहित्यक संवर्धन को समर्पित यह आयोजन निसंदेह रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया और प्रदीप्त मार्ग तैयार करने में सहायक रहेगा l