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त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए जनप्रतिनिधि संवाद एवं सतत विकास पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

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महापौर कल्पना देवलाल रहीं मुख्य अतिथि

पिथौरागढ़। विकास खंड बेतालघाट/बिंदुखत्ता सभागार में शुक्रवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए “त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प – सेवा हेतु संवेदनशीलता और सतत विकास” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पिथौरागढ़ नगर निगम महापौर कल्पना देवलाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधानगण और अन्य सम्मानित पदाधिकारी मौजूद रहे।

महापौर कल्पना देवलाल ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई हैं। गांव का विकास तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सच्ची जनसेवा है।

प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) हरीश आर्या ने पंचायती राज अधिनियम, पंचायतों के अधिकार, बजट प्रबंधन और शासन की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) दीपक कुमार और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल पंचायत की अवधारणा पर प्रकाश डाला।

हिमालय अध्ययन केंद्र के प्रबंधक डॉ. दिनेश जोशी ने सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals) को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के बिना गांवों का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। पंचायतों को इन लक्ष्यों को ध्यान में रखकर कार्य योजना बनानी होगी।

प्रशिक्षक दीपक पुनेठा ने प्रशिक्षण की मुख्य विषय वस्तु रखी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को बताया कि किस प्रकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी से गांव में विकास कार्यों को गति दी जा सकती है। उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से पंचायतों की सफलता की कहानियां भी साझा कीं। कार्यक्रम के अंत में सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने गांवों के समग्र विकास, भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत और जनसेवा के संकल्प के साथ प्रशिक्षण का समापन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और पंचायत सहायक मौजूद रहे।