Home नेहा खत्री, जयपुर मुस्कान के पीछे का सच…

मुस्कान के पीछे का सच…

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नेहा खत्री, जयपुर।

कुछ पाने की चाह में,
इंसान जाने कितना कुछ खो देता है…
अपनी ही मुस्कानों से दूर होकर,
भीतर-ही-भीतर स्वयं से लड़ता है…
सुकून की तलाश,
प्यार की प्यास,
और ऐतबार की आस लिए,
हर रोज़ एक नया सफ़र तय करता है…
मगर जब भी जिम्मेदारियों की चौखट सामने आती है…
वह अपनी तमाम इच्छाओं को चुपचाप समेट लेता है…
अपनों की खुशियों की ख़ातिर,
अपने ही सपनों को खामोशी से विदा कर देता है…
यही तो जीवन का सबसे अनकहा सत्य है…
हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे
कुछ अधूरे ख़्वाब, कुछ अनसुने दर्द,
और अनगिनत त्याग छिपे होते हैं…
इंसान जीता तो सबके लिए है…
पर अक्सर खुद के हिस्से की खुशी जीना भूल जाता है…।