Home उत्तराखंड मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर सपा का संकल्प

मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर सपा का संकल्प

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2027 में अखिलेश को बनाएंगे सीएम

नेता जी थे उत्तराखंड के सबसे बड़े हितैषी : मतीन सिद्दीकी

हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, देश के पूर्व रक्षा मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्व. मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि उत्तराखंड समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय 17-आजाद नगर हल्द्वानी में संकल्प दिवस के रूप में मनाई गई।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं के साथ नेता जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कहा, “जिंदा है अभी तक वो खुद अपनी विरासत में, आते हैं नजर हमको वो अखिलेश की सूरत में”

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह जैसा नेता सदियों में एक पैदा होता है। सुभाष चंद्र बोस के बाद ‘नेता जी’ की उपाधि सिर्फ मुलायम सिंह यादव को ही मिली। वे धरतीपुत्र थे और हिन्दुओं के प्यारे व मुस्लिमों के दुलारे थे। श्री सिद्दीकी ने कहा कि नेता जी उत्तराखंड के सबसे बड़े हितैषी थे। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में उन्होंने पिथौरागढ़ हवाई पट्टी, पर्वतीय क्षेत्रों में पाठशालाओं और हैंडपंपों का निर्माण कराया। पर्वतीय विकास मंत्रालय का गठन किया और अलग उत्तराखंड राज्य के लिए कौशिक समिति व बर्थवाल समिति का गठन कर यूपी के दोनों सदनों से प्रस्ताव पास कराकर केंद्र को भेजा था। वे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को 2 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते थे, जिसका विरोध कर यहां की पार्टियों ने युवाओं का नुकसान किया।

रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने शहीद सैनिकों के शव सम्मान के साथ घर भेजने और राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार की ऐतिहासिक पहल की थी। उन्होंने कहा कि नेता जी किसानों, व्यापारियों, छात्रों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हितैषी थे। आज अखिलेश यादव उनके कार्यों को ईमानदारी से आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते सपा आज देश की तीसरे नंबर की बड़ी पार्टी बन गई है।

नेता जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अखिलेश यादव के हाथ मजबूत कर 2027 में यूपी में उन्हें पूर्ण बहुमत से मुख्यमंत्री बनाएं और उत्तराखंड में भी सपा का परचम लहराएं।गोष्ठी में एडवोकेट सुरेश परिहार, जावेद सिद्दीकी, सोमपाल मौर्या, अरशद अय्यूब, जावेद मिकरानी, उमैर मतीन, रेहान मलिक, संजय गुप्ता, श्रीमती हिना देवी, कुमारी रानी देवी, शकील अंसारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।