मूल निवासी संघ ने सीएम को भेजा ज्ञापन
हल्द्वानी। पिथौरागढ़ में सोशल मीडिया पर शमशेर सिंह महर द्वारा भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के खिलाफ की गई आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणी को लेकर मूल निवासी संघ और अम्बेडकरवादी संगठनों में भारी आक्रोश है। इस मामले को लेकर मूल निवासी संघ, जनपद नैनीताल इकाई ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि वायरल पोस्ट के संबंध में FIR संख्या 0152/2026 दर्ज होने की जानकारी मिली है। संघ ने कहा है कि आरोपी का कृत्य केवल एक वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, बंधुत्व और संवैधानिक गरिमा के खिलाफ नफरत फैलाने वाला है।
ज्ञापन में रखी 7 सूत्रीय मांगें –
1. मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच कर दोषी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो।
2. संबंधित पोस्ट, स्क्रीनशॉट, लिंक, यूजरनेम और अकाउंट डिटेल सुरक्षित रखे जाएं।
3. FIR में दर्ज धाराओं के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. यदि आपत्तिजनक सामग्री दोबारा प्रसारित हो रही हो तो उसे हटवाया जाए और सामाजिक वैमनस्य रोकने के कदम उठाए जाएं।
5. राज्य सरकार स्पष्ट संदेश दे कि उत्तराखंड समानता, सामाजिक न्याय और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है।
6. प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि इस प्रकरण से किसी समुदाय में तनाव न फैले।
7. की जा रही कार्रवाई की स्थिति से प्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि बाबा साहब का जीवन सामाजिक असमानता के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है और उनका अपमान संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। संघ ने आरोपी शमशेर सिंह मेहर को महापुरुषों का अपमान करने का दोषी मानते हुए कठोरतम सजा की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रमेश लोहिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चनियाल, हरी राम, गोपाल राम ग्वासीकोटी, चंदन प्रसाद ग्वासीकोटी, आरपी गंगोला, नकलेश चौहान, नफीस अहमद खान, पीआर टम्टा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि डीजीपी उत्तराखंड, आईजी कुमाऊं, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और एसपी पिथौरागढ़ को भी भेजी गई है।



































