Home उत्तराखंड हल्द्वानी में छात्रों ने फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला

हल्द्वानी में छात्रों ने फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला

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एसआईआर को बताया असंवैधानिक

हल्द्वानी। छात्र संगठनों आइसा व पछास की पहल पर शनिवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा संयोजक आकाश भारती ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने असंवैधानिक प्रक्रिया के तहत एसआईआर लागू की, जिसके जरिए 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। इसके बावजूद ज्ञानेश कुमार पद पर बैठे हैं और सरकार उनका बचाव कर जनता की आवाज को कुचलने की कोशिश कर रही है।

आइसा नेता संदीप टम्टा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए केंद्र की मोदी-शाह सरकार और भाजपा शासित राज्यों ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में जा रहे लोगों को जगह-जगह रोका, कई को घरों में नजरबंद किया, ट्रेनों-बसों से उतारा और दिल्ली में मेट्रो सेवाएं तक बंद कर दीं। यह दिखाता है कि सरकार छात्रों-नौजवानों के सामने हार चुकी है। पछास के महेश ने कहा कि एसआईआर के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, उन्हें रद्द कर चुनी हुई सरकारों को भंग कर दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए। सरकार संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।

भाकपा-माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि तमाम रोक-टोक के बावजूद छात्रों का जंतर-मंतर पहुंचना आंदोलन की सफलता और सरकार के मुंह पर तमाचा है। सभा का संचालन पछास के चंदन ने किया। इस दौरान आइसा के रिया आर्य, पछास के अनुराग, मनवीर, ऐक्टू प्रदेश महामंत्री के.के.बोरा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से रजनी, भीम आर्मी से नफीस अहमद, क्रालोस से मुकेश भंडारी ने भी विचार रखे।पुतला दहन में आकाश भारती, संदीप टम्टा, महेश, मीनाक्षी, नितिन, रोशनी, अमित, जीत राम, मोहन, अरमान कोहली सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।