‘देवी के नौ रूप, साहित्य के विविध रंग’ विषय पर रचनाकारों ने प्रस्तुत कीं भावपूर्ण रचनाएँ
हल्द्वानी। संपर्क साहित्य संस्थान (उत्तराखंड इकाई) के तत्वावधान में 13 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के अवसर पर ‘देवी के नौ रूप, साहित्य के विविध रंग’ विषय पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस गोष्ठी में भक्ति, साहित्य और नारी शक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली। कार्यक्रम में संपर्क साहित्य संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उत्तराखंड इकाई की प्रभारी ललिता कापड़ी के मार्गदर्शन में आयोजित गोष्ठी की मुख्य अतिथि रमा भाटी रहीं। अध्यक्षता स्मिता शाह ने की तथा मंच संचालन डॉ. भगवती पनेरू ने किया। डॉ. भगवती पनेरू की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
गोष्ठी में सुधांशु साह, मीना जोशी ‘मनु’, सुशीला वाणी मेयर, दीया आर्या ‘दक्षिता’, तुलसी बिष्ट, लता पंत, सीमा बिष्ट, किरण पनेरिया, आशा पांडेय एवं ललिता कापड़ी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का भावपूर्ण चित्रण किया।

सुधांशु साह ने महागौरी के शांत स्वरूप को वीर रस से जोड़कर प्रस्तुत किया। मीना जोशी ‘मनु’ की रचना में लोककल्याण का संदेश, सुशीला वाणी मेयर के भजन में भक्ति की मधुरता तथा तुलसी बिष्ट की प्रस्तुति में नवदुर्गा की आराधना का भाव झलका। दीया आर्या ‘दक्षिता’ ने आधुनिक दृष्टिकोण से नवदुर्गा के स्वरूपों को प्रस्तुत किया, जबकि अन्य रचनाकारों की अभिव्यक्तियों में प्रकृति, लोककल्याण, संयम और नारी शक्ति के विविध स्वर मुखरित हुए। ललिता कापड़ी के छंदों में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव दिखाई दिया।
अध्यक्ष स्मिता शाह ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना की। गोष्ठी में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के माध्यम से ममता, साहस, करुणा, विवेक और सृजनशीलता जैसे गुणों को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने सभी रचनाकारों एवं आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। यह आयोजन साहित्य, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संवर्धन के साथ नारी चेतना को अभिव्यक्त करने का सार्थक प्रयास रहा।



































